पतंग विक्रेता राही ने बताया कि त्योहार को लेकर बीते कुछ दिनों से अच्छी खरीदारी चल रही है। हालांकि, बीते 10 वर्षों में पतंगबाजी का शौक आधा हो गया है। पहले तो हजारों की तादाद में पतंग की बिक्री होती थी। उम्मीद है कि इस बार पतंग की मांग और ज्यादा बढ़े।
मकर संक्रांति यानी खिचड़ी में दो हफ्ते बाकी है। इसे लेकर बच्चों और बड़ो ने पतंग व मांझे की खरीदारी तेज कर दी है। ऐसे में बाजार में पतंग की दुकानें सज गई हैं। बीते साल जो पतंग पांच रुपये की बिकी थी। इस बार उसका दाम दोगुना बढ़ गया है। बाजार में तीन रुपये से लेकर बीस रुपये तक के पतंग बिक रहे हैं।
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लोग अभी से पतंग खरीदने में जुटे हैं। इससे दुकानदारों को भी इस पर्व पर अच्छी आमदनी हो रही है। मकर संक्रांति नजदीक है, ऐसे में पतंगबाजों का उत्साह बढ़ गया है। बाजार के कारोबारियों का कहना है कि धंधे में चमक पहले जैसी तो नहीं है लेकिन इस बार अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है।
पतंग विक्रेता राही ने बताया कि त्योहार को लेकर बीते कुछ दिनों से अच्छी खरीदारी चल रही है। हालांकि, बीते 10 वर्षों में पतंगबाजी का शौक आधा हो गया है। पहले तो हजारों की तादाद में पतंग की बिक्री होती थी। उम्मीद है कि इस बार पतंग की मांग और ज्यादा बढ़े। पतंग विक्रेता राशिद खान बताते हैं कि त्योहार आते ही पतंग की मांग बढ़ गई है।
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साथ ही मेरठ व बरेली का मांझा ज्यादा बिक रहा है। दो दिन में बिक्री काफी तेज हो गई है। इसके अलावा मेरठ और बरेली के मांझे के साथ ही कॉटन मांझे की ज्यादा मांग है। वहीं, मो. शमी बताते हैं कि मकर संक्रांति पर अधिक बिक्री की उम्मीद है। कई दिन पहले से ही पतंगों का स्टॉक कर लिया है।
कार्टून वाली पतंग बच्चों की पसंद
कार्टून चित्र वाले पतंग बच्चों की पहली पसंद हैं। इसमें भी पन्नी की पतंग अधिक बिकती है। ये पतंग कागज से बनी पतंग से सस्ती होती है। तीन रुपये में पन्नी की पतंग आ रही है, जबकि कागज की पांच रुपये की पड़ती है। बच्चे अपने पसंद के कार्टून वाले पतंग खरीद रहे हैं। इस समय डोरीमोन, मिक्की माउस, छोटा भीम, बिल्ली आदि बने पतंग की मांग है।