गन्ना किसानों के बकाया ब्याज भुगतान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को चेतावनी दी है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि या तो तीन सप्ताह में बकाया ब्याज का भुगतान किया जाए या फिर गन्ना आयुक्त संजय भूसरेड्डी चार फरवरी को अदालत में हाजिर हों।
वीएम सिंह की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने यह आदेश दिया। प्रदेश सरकार की ओर से ब्याज भुगतान के लिए छह माह का और समय मांगा गया जिसका, वीएम सिंह ने विरोध किया। उनका कहना था कि वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव है, इसलिए राज्य सरकार मामले को लटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिल मालिकों के साथ मिली हुई है, जबकि किसानों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वीएम सिंह का कहना था कि किसान भी फसल के लिए लोन लेता है, जिसका उसे ब्याज देना पड़ता है। किसान दो साल तक लोन पर ब्याज देता है। गन्ना देने के एक साल बाद उसे भुगतान मिलता है। इसलिए वह दो वर्ष का ब्याज पाने का हकदार है। उन्होंने कहा कि ब्याज नहीं देने वाली चीनी मिलों में कई मिलें सरकार की भी हैं।