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यूइंग क्रिश्चन कॉलेज के प्रचार्य पद पर नियुक्ति पर रोक

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यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज में प्राचार्य की नियुक्ति पर रोक
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0 हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और इविवि से मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज के प्राचार्य पद पर नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है। कॉलेज के बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टरर्स के चेयरमैन पीटर बलदेव की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
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याचिका में कहा गया कि यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज अल्पसंख्यक संस्थान है। प्राचार्य पद पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी करने का अधिकार विशेष कार्याधिकारी को नहीं है। इससे कॉलेज के प्रबंधकीय अधिकार में हस्तक्षेप होता है। याचिका में विशेष कार्याधिकारी के अधिकारों को चुनौती दी गई है। यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज की प्रबंध समिति पर वित्तीय और प्रबंधकीय अनियमितता के आरोपों के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी को निलंबित कर दिया। कॉलेज के प्रशासनिक, शैक्षणिक और वित्तीय कार्यों के लिए आरके सिंह को विशेष कार्याधिकारी नियुक्त कर दिया। प्राचार्य डॉ. मारविन मैसी के रिटायर होने के बाद कॉलेज के शिक्षकों और स्टाफ का वेतन भुगतान रुक गया। डॉ. मैसी ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जो खारिज हो गई। कॉलेज प्रबंध समिति के निलंबन के खिलाफ याचिका अभी लंबित है। प्राचार्य के पद पर नियुक्ति हेतु ओएसडी ने विज्ञापन निकाला, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए जवाब-तलब किया है। हालांकि, विश्वविद्यालय के अधिवक्ता नीरज त्रिपाठी और चंदन शर्मा ने बताया कि इस मामले के लिए वह अधिकृत नहीं किए गए हैं। इस पर कोर्ट ने विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब तलब किया है।
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