रेलवे भूमि घोटाले में सीआरओ की जमानत मंजूर
0 हाईकोर्ट ने लगाई शर्तें, दस लाख की सिक्योरिटी देनी होगी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
रेलवे की करोड़ों रुपये की जमीन प्राइवेट पक्षकार के नाम कर देने के मामले में आरोपी फूलपुर तहसील के मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) भाईलाल सरोज की जमानत हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। कोर्ट ने याची पर शर्त लगाई है कि वह जांच और मुकदमे के ट्रायल में पूरा सहयोग देगा तथा अनावश्यक तारीखें नहीं मांगेगा। कोर्ट ने दस लाख रुपये की सिक्योरिटी देने पर याची को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
जमानत प्रार्थनापत्र पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार की सुनवाई की। याची का पक्ष रख रहे अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कहा कि भाईलाल की इस घोटाले में कोई भूमिका नहीं है। विवादित भूमि पर अपना नाम चढ़वाने के लिए मुख्य अभियुक्तों कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन ने एसडीएम फूलपुर के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया था। एसडीएम ने इस पर नामांतरण का आदेश पारित कर दिया। राजस्व रिकार्ड में नामांतरण एसडीएम के आदेश पर किया गया है। याची इसमें लाभार्थी नहीं है। अधिवक्ता ने याची को निर्दोष साबित करने के लिए विस्तार से दलीलें दी। यह भी कहा वह कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। भाईलाल पांच दिसंबर 2017 से जेल में बंद है।
प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने घटना की गंभीरता और तथ्यों तथा परिस्थितियों पर विचार करने के बाद भाईलाल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। उस पर मुकदमे में सहयोग करने और हर तारीख पर उपस्थित होने की शर्त लगाई गई है इसका उल्लंघन करने पर ट्रायल कोर्ट को नियमानुसार कार्यवाही करने का अधिकार होगा।