सीएम के कार्यक्रम में लगी 250 बसें, भटके मुसाफिर
रोडवेज बस स्टेशन पर बसों की कमी से यात्रियों को परेशानी
प्राइवेट वाहन संचालकों ने यात्रियों से वसूला मनमाना किराया
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
परेड ग्राउंड में फसल ऋण मोचन योजना में रोडवेज की 250 बसों को लगा दिए जाने का साइड इफेक्ट जीरो रोड और सिविल लाइंस बस स्टेशन पर दिखा। बस स्टेशनों पर बसों की कमी से यात्रियों को खूब भटकना पड़ा। सिविल लाइंस बस स्टेशन पर बसों की कमी होने से दिन भर यात्रियों का जमघट लगा रहा। यात्री खासे परेशान रहे। शाम पांच बजे तक यही स्थिति बनी रही। इस दौरान रोडवेज ने अपने पास उपलब्ध बसों के फेरे जरूर बढ़ा दिए।
ऋण मोचन प्रमाण पत्र देने के लिए 11585 किसानों को बुलाया गया था। जिले के विभिन्न स्थानों से किसानों को लाने के लिए रोडवेज से जिला प्रशासन की ओर से 250 बसों की मांग की गई थी। ये बसें लाभार्थियों को लेकर सुबह परेड ग्राउंड लेकर पहुंची। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बसें संबंधित लाभार्थियों को उनके गंतव्य तक छोड़ने के लिए भी गई। रोडवेज ने जिला प्रशासन को पांच सितंबर को ही बसें सौंप दी थी। एक साथ 250 बसें हट जाने से बुधवार को यात्री खासे परेशान हुए। सबसे ज्यादा परेशानी वाराणसी, प्रतापगढ़, फैजाबाद, लखनऊ, बांदा, गोरखपुर रूट की तरफ जाने वाले यात्रियों को हुई। इस दौरान प्राइवेट वाहन संचालकों ने यात्रियों से मनमाने दाम वसूले। मजबूरी में यात्रियों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि रोडवेज ने अपने पास उपलब्ध बसों के फेरे बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन जो भी बस गई वह यात्रियों से पूरी तरह से पैक रही। इस बीच इस बीच परेड ग्राउंड में बसों के संचालन के लिए सुबह ही क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र पहुंच गए। उन्होंने बताया कि शाम चार बजे के बाद बसे वापस आना शुरू हो गई। इसके बाद संचालन सामान्य हो गया।