खेप पहुंचाने के एवज में मिलते थे एक लाख रुपये
एसटीएफ को आरोपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य कई वर्ष से गांजा की तस्करी कर रहे हैं और पहले भी कई बार सप्लाई की जा चुकी है। खेप बेचने से होने वाला मुनाफा आपस में बांटा जाता था। गांजे की खेप तय स्थान तक पहुंचाने के एवज में उसे एक लाख रुपये अलग से दिए जाते थे। आरोपी ने बताया कि पकड़ा गया ट्रक उसका अपना है। खेप पहुंचाने के बदले उसे एक लाख रुपये अलग से मिलने थे। पूछताछ में सामने आए अन्य आरोपियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ मिर्जापुर के मड़िहान थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।