इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के तहत शुक्रवार को हुए नामांकन के दौरान प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में जबर्दस्त उत्साह दिखा। हालांकि इस उत्साह के बीच बवाल के बुलबुले भी बनते रहे। वहां मौजूद विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन के अफसर मुख्य प्रवेश द्वार पर मौजूद थे और सुरक्षा कर्मियों को भी समझा दिया गया था कि प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से बिल्कुल न उलझें। सामाजवादी छात्र सभा, एबीवीपी और एनएसयूआई पैनल के प्रत्याशियों के नामांकन जुलूस में मौजूद हजारों छात्रों को बैरिकेडिंग के बाहर रोक दिया गया था और लाउडस्पीकर से शांति व्यवस्था बनाए रखने की लगातार अपील की जा रही थी। सुबह नौ बजे शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया पांच घंटे बाद पूरी हुई तो विश्वविद्यालय के आसपास की सड़कें पूरी तरह से पम्फलेटों से पट चुकी थीं।
प्रत्याशियों को केपीयूसी के सामने वाले गेट से प्रवेश करना था। उनके साथ एक प्रस्ताव और एक समर्थक को प्रवेश की मंजूरी थी। प्रवेश द्वार पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के तमाम अफसर, विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिए बल मौजूद था। उत्साह से लबरेज प्रत्याशियों के समर्थक खुलेआम आचार संहिता की धज्जियां उड़ रहे थे लेकिन अफसरों के चेहरे पर कम से कम इतना सुकून साफ झलक रहा था कि सबकुछ शांति से हो रहा है। सभी की प्रथमिकता थी कि बिना किसी विवाद या बवाल के नामांकन की प्रक्रिया पूरी करा ली जाए।
कुछ दिनों पहले ही ताराचंद हॉस्टल के सामने हुई बसपा नेता की हत्या के बाद पुलिस के लिए शांति व्यवस्था बनाए रखना और चुनौतीपूर्ण हो गया था। विश्वविद्यालय परिसर के बाहर लगातार जुलूस निकले रहे थे। हॉस्टलों में भी प्रत्याशियों के समर्थकों का हुजूम इकट्ठा था। दोपहर दो बजे नामांकन का समय पूरा हुआ तो अफसरों ने राहत की सांस ली। दो बजे तक जितने प्रत्याशी विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर गए, चुनाव अधिकारी प्रो. आरके सिंह ने उन सभी का नामांकन कराया। हालांकि अध्यक्ष पद का एक प्रत्याशी इधर-उधर दौड़ता नजर आया, क्योंकि उसके पास पुलिस वेरिफिकेशन की रिपोर्ट नहीं थी। इस आपाधापी के लिए बीच प्रत्याशी को अतिरिक्त समय दिया गया। नामांकन छात्रसंघ भवन में हो रहा था, सो नामांकन के बाद प्रत्याशियों को छात्रसंघ भवन के सामने वाले गेट से बाहर भेजा गया। वहां भी समर्थक पहले से खड़े थे। प्रत्याशियों के बाहर पहुंचने के बाद समर्थकों ने फिर जुलूस निकाला।
लक्ष्मी टॉकीज चौराहा, विश्वविद्यालय चौराहा, लल्ला चुंगी और बालसन चौराहा की ओर से इविवि के कला संकाय की ओर आने वाला हर रास्ता नामांकन के दौरान बंद था। ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया था। ऐसे में लक्ष्मी टॉकीज चौराहा के आसपास, कटरा और कर्नलगंज में जाम की जर्बदस्त समस्या रही। कटरा में तो दोपहर ढाई बजे के बाद स्थिति सामान्य हुई। सुबह स्कूल छूटने के बाद जमा अचानक बढ़ गया और स्कूली बच्चों को भी समस्या का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को उमस भी काफी अधिक थी, सो बच्चे गर्मी से बेहाल नजर आए।