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निरस्त की जाए आरओ, एआरओ 2016 परीक्षा

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निरस्त की जाए आरओ/एआरओ 2016 प्रारंभिक परीक्षा
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प्रतियोगी छात्रों ने लोक सेवा आयोग के सचिव से मुलाकात कर की मांग
अन्य समस्याओं भी उठाई, दूसरे जिलों सेंटर में भेजने के बजाए विकल्प मांगने को कहा

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) 2016 की प्रारंभिक परीक्षा के पेपर लीक का संज्ञान लेते हुए सचिव से इसे अविंलब निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही पेपर लीक सिंडिकेट पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर और आगामी परीक्षाओं में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति न होने का भी अनुरोध किया गया है।
इस संबंध प्रतियोगी छात्रों ने अवनीश पांडेय के साथ आयोग के सचिव जगदीश से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि यह परीक्षा 27 नवंबर 2016 को हुई थी। पहली पाली की परीक्षा के बाद ही पेपर लीक की सूचना आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, सचिव एवं अध्यक्ष को प्रतियोगी छात्रों ने दे दी थी किंतु कोई कार्रवाई न करने के कारण दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पूर्व कुछ छात्रों के व्हाट्सएप पर पेपर आ चुका था। प्रतियोगी छात्रों ने विभिन्न जिलों के थानों में इस मामले में तहरीर देने का प्रयास किया लेकिन तहरीर नहीं ली गई। व्हाट्सएप पर खुला प्रमाण मिलने तथा छात्रों की तहरीर नहीं लिखे जाने पर वरिष्ठ आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में 28 नवंबर को तहरीर दी न्यायालय के आदेश के बाद सात जनवरी 2017 को मुकदमा दर्ज हुआ।
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सचिव को बताया गया कि इस बीच प्रतियोगियों का प्रतिनिधिमंडल साक्ष्य सहित 12 दिसंबर 2016 को आयोग के अध्यक्ष से मिला और कठोर कार्रवाई की मांग की लेकिन कुछ नहीं हुआ। इससे पेपर लीक सिंडिकेट से जुड़े व्यक्तियों का मनोबल बढ़ गया। इसके पहले पीसीएस 2015 का पेपर भी लीक होने पर छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर गोली तक चल चुकी है। इसमें कार्रवाई के साथ प्रतियोगियों ने फार्म भरने के दौरान होने वाली गलतियों सुधारने का मौका देने, आगामी परीक्षाओं में प्रतियोगियों दूसरे जिलों के सेंटर में भेजने के बजाए विकल्प मांगने, परीक्षा की वीडियोग्राफी कराने, परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने, प्रारंभिक के 90 दिन बाद मुख्य परीक्षा कराने आदि की भी मांग की गई।
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