विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सपा के साथ गठबंधन की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। कांग्रेस सीटों का बंटवारा कर चुनाव लड़ने की तैयारी में है लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब कांग्रेस का एकछत्र राज्य था। 1952 में हुए यूपी के पहले विधानसभा चुनाव में 12 राष्ट्रीय दलों और दो प्रादेशिक दलों ने शिरकत की लेकिन इलाहाबाद की सभी 11 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा रहा। इस चुनाव में दो ऐसे नेताओं ने शिरकत की, जिनमें से एक आगे चलकर भारत के प्रधानमंत्री और दूसरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। ये नेता लाल बहादुर शास्त्री और एचएन बहुगुणा थे। दोनों इलाहाबाद के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़े थे।
लाल बहादुर शास्त्री सोरांव नॉर्थ कम फूलपुर वेस्ट से चुनाव मैदान में उतरे थे। 28 मार्च 1952 को हुए मतदान में उन्हें बंपर वोट मिले। इस विधानसभा क्षेत्र में कुल 77 हजार 747 वोटर थे और 38.84 फीसदी यानी 30195 वोटरों ने मतदान किया। इनमें लाल बहादुर शास्त्री को 20 हजार 930 वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रहे किसान मजदूर प्रजा पार्टी के लाल बहादुर सिंह को 3190 मत मिले। इसी चुनाव में हेमवती नंदन बहुगुणा ने करछना नॉर्थ कम चायल साउथ से किस्मत आजमाई और उन्हें जीत मिली। इस चुनाव के बाद लाल बहादुर शास्त्री 1957 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद सीट से लड़े और उन्हें जीत मिली।
11 सीट से चुने गए थे 13 विधायक
1952 के चुनाव में 11 सीट से 13 विधायक निर्वाचित हुए थे। मेजा कम करछना साउथ से रघुनाथ प्रसाद एवं मंगला प्रसाद, करछना नॉर्थ कम चायल साउथ से एचएन बुहुगुणा एवं जवाहर लाल, सोरांव नॉर्थ कम फूलपुर वेस्ट से लाल बहादुर शास्त्री, सोरांव साउथ से परमानंद सिन्हा, फूलपुर सेंट्रल से शिवानाथ काटजू, फूलपुर ईस्ट कम हंडिया नॉर्थ वेस्ट से भुअर, हंडिया साउथ से महाबीर प्रसाद शुक्ला, सिराथु कम मंझनपुर से शिव कुमार, इलाहाबाद सिटी ईस्ट से गणेश प्रसाद जायसवाल, इलाहाबाद सिटी सेंट्रल से बिशंभर नाथ पांडेय और चायल नॉर्थ से मुजफ्फर हुसैन विधायक बने थे। सभी विधायक कांग्रेस के थे।
इन दलों ने चुनाव में की थी शिरकत
राष्ट्रीय दल-आल इंडिया भारतीय जन संघ, बोल्शेविक पार्टी ऑफ इंडिया, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, फॉरवर्ड ब्लॉक (रुइकर ग्रुप), अखिल भारतीय हिंदू महासभा, इंडियन नेशनल कांग्रेस, किसान मजदूर प्रजा पार्टी, रिवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, अखिल भारतीय राम राज्य परिषद, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, आल इंडिया शिड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन एवं सोशलिस्ट पार्टी।
प्रादेशिक दल-यूपी प्रजा पार्टी, यूपी रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी।