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जीएसटी से परेशान व्यापरियों ने लगाई समाधान की गुहार

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जीएसटी से परेशान व्यापारियों ने लगाई समाधान की गुहार
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0 व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों ने प्रमुख सचिव हिमांशु कुमार को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति ने जीएसटी में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए बुधवार को शहर आए प्रमुख सचिव खाद्य औषधि प्रभारी इलाहाबाद हिमांशु कुमार से सर्किट हाउस में गुहार लगाई। उन्हें समस्याओं से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि काफी व्यापारियों को अब तक आईडी पासवर्ड नहीं मिले, जिसकी वजह से जीएसटी में माइग्रेशन नहीं हो पा रहा है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। काफी व्यापारियों के पैनकार्ड मिसमैच थे और आईडी पास भी गलत आ गए थे, ऐसे व्यापारियों ने संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र दिए थे, वे अब तक प्राप्त नहीं हो पाए, इसका असर भी कारोबार पर पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने के लिए फॉर्म-16 जीएसटी पोर्टल पर अब तक उपलब्ध नहीं है, जबकि जीएसटी लागू होने के 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने का प्रावधान है।
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राज्य वस्तु एवं सेवा कर के एडिशनल कमिश्नर राम प्रसाद समेत अन्य अफसरों की मौजूदगी में समिति के संयोजक संतोष पनामा, अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी, कोषाध्यक्ष केके अग्रवाल ने उन्हें बताया कि जीएसटी ट्रान वन फॉर्म में 30 जून की आईटीसी तथा स्टाक का विवरण देना है। इसे भरने पर ही आईटीसी का लाभ मिलेगा, लेकिन यह फॉर्म भी पोर्टल पर नहीं है। नतीजा है कि व्यापारियों को जुलाई में आईटीसी का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें इस माह का पूरा टैक्स जमा करना होगा। बैंक में टैक्स ऑनलाइन जमा होगा, इसकी भी जानकारी व्यापारियों को नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर व्यापारी जीएसटी से अनभिज्ञ हैं। अफसरों को जानकारी न होने के कारण व्यापारी ज्यादा परेशान हैं। प्रतिनिधिमंडल ने तत्काल समस्याओं के समाधान की मांग की।
कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधियों ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल के नेतृत्व में हिमांशु कुमार को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर जीएसटी में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों से अवगत कराया। इसमें ई-वे बिल को वापस लेने, व्यापारियों का बीमा कराने, बीमा की राशि 10 लाख करने आदि की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल में अजय गुप्ता, मनोज अग्रवाल, संदीप केसरवानी, विनय कुमार, पिक्कू अग्रवाल आदि शामिल थे। विनोद कुमार केसरवानी, विपिन सिंह के नेतृत्व में कर अधिवक्ताओं ने भी ज्ञापन सौंपकर जीएसटी में आ रही समस्याओं को दूर कराने की मांग की।
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राहत, बिना ई-वे बिल माल पकड़ा तो नहीं होगा जुर्माना
0 राज्य वस्तु एवं सेवा कर (वाणिज्य कर) विभाग ने व्यापारियों को बड़ी राहत दे दी है। बुधवार से माल के परिवहन पर ई-वे बिल लागू होने के बाद अफसरों ने मार्ग पर जांच शुरू कर दी है लेकिन इस दौरान जो भी माल लदी गाड़ी बिना ई-वे बिल के पकड़ी जाएगी, सचल दल के अधिकारी उससे जुर्माना नहीं वसूलेंगे, बल्कि ई-वे बिल भरवाएंगे। इस संबंध में कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने अफसरों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। अफसरों से कहा गया है कि माल से संबंधित व्यापारी का तत्काल जीएसटी में ई-वे बिल के लिए रजिस्ट्रेशन कराएं इसके बाद व्यापारी ई-बे बिल जनरटे कर उस पर माल से संबंधित ब्योरा भरकर उसकी हार्ड कॉपी मौके पर भेजें। इससे बाद ही गाड़ी आगे बढ़ सकेगी।
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