कुंभ मेले में 8000 लोगों ने सीखी
जान बचाने की सीपीआर तकनीक
0 ‘चिरंजीव हृदय- सीपीआर सीखो, दिल धड़कने दो’ अभियान के तहत जागरूकता
0 अचानक कार्डिएक अरेस्ट पीड़ित की सांस लौटाने की सिखाई कला
प्रयागराज। कुंभ मेले में आंखों की जांच कर नि:शुल्क चश्मा वितरण करने वाले नेत्र कुंभ के आयोजकों ने 8000 लोगों को जीवन बचाने का प्रशिक्षण दिया। ‘चिरंजीव हृदय- सीपीआर सीखो, दिल धड़कने दो’ अभियान के तहत लोगों को अचानक कार्डिएक अरेस्ट पीड़ित की सांस लौटाने की कला सिखाई गई।
इस जागरूकता अभियान में हील फाउंडेशन, जूना अखाड़ा, इंडिया वर्चुअल हॉस्पिटल, हील हेल्थ कनेक्ट और इंडियन मेडिकल अकादमी फॉर प्रिवेंटिव हेल्थ की ओर से सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। इस अभियान में पुलिस, अग्निशमन विभाग के जवानों को भी प्रशिक्षित किया गया।
कुं भ मेले में चिरंजीव हृदय अभियान के तहत लोगों को अचानक दिल की धड़कनें बंद होने की दशा में बचाव की जानकारी देने के लिए रोचक जानकारी देने वाले उपकरणों से युक्त वाहन चलाया गया। कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक कर जागरूकता फैलाई। नावों और संगम जाने वाले रास्तों पर सीपीआर ट्रेनरों ने लोगों को प्रशिक्षित किया। मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली के डॉ. विवेका कुमार समेत कई कार्डियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों ने लोगों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया। लोगों से पूछा कि अगर आपके पास बैठा व्यक्ति जमीन पर गिर जाए और सांस लेना बंद कर दे, तो आप क्या करेंगे। आप एंबुलेंस बुलाने को कॉल करेंगे और उसके आने का इंतजार करेंगे। या आप अपने घुटनों पर बैठ जाएंगे और छाती को संकुचित करना शुरू कर देंगे। यह अचानक होने वाला कार्डियक अरेस्ट है, जिससे आप पीड़ित को बचा सकते हैं। क्योंकि ऐसे में 95 फीसदी पीड़ितों की मौत हो जाती है, क्योंकि उन्हें छह मिनट में जीवन रक्षक चिकित्सा नहीं मिल पाती। ऐसे में सीपीआर प्रशिक्षित व्यक्ति पीड़ित की जान बचा सकते हैं। अभियान से जुड़े मदन कृष्णन के मुताबिक सीपीआर प्रशिक्षण जरूरी है, हम इसके लिए विशेषज्ञों के साथ देश भर में घूम रहे हैं।