निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मचारी।
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निजीकरण के विरोध में मशाल जुलूस निकाल कर रहे विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक समेत अन्य पदाधिकारियों की लखनऊ में गिरफ्तारी के बाद आंदोलन तेज हो गया है। यहां मशाल जुलूस के बाद गिरफ्तारी के विरोध में जार्ज टाउन में नारेबाजी व सभा कर रहे 175 बिजली अभियंताओं व कर्मचारियों को देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। सभी को रिहा कर दिया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में अभियंता मंगलवार से तीन घंटे कार्य बहिष्कार करेंगे।
सोमवार की शाम पांच बजे बिजली कर्मचारियों में जार्ज टाउन स्थित मुख्य अभियंता पारेषण के कार्यालय के सामने से मशाल जुलूस निकाला। जार्जटाउन से मेडिकल चौराहा होते हुए बिजली कर्मचारी हाथों में मशाल लेकर हनुमत निकेतन होते हुए सुभाष चौराहा पहुंचे। वहां सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन दिया गया।
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इस मशाल जुलूस में संघर्ष समिति के संयोजक जवाहर लाल विश्वकर्मा, आशीष कुमार सिंह, अजीत पटेल, विजय प्रताप तिवारी, प्रदीप गुप्ता, रत्नेश जायसवाल, बृजेश पांडेय, इंद्रेश यादव, राजीव मिश्रा, प्रशांत रघुवंशी, समित कुमार भट्टाचार्य, वीसी उपाध्याय, अशोक पाल, सरोज झा, संजय श्रीवास्तव, योगेश तिवारी, प्रकाश यादव, सतीश चंद्र श्रीवास्तव, सुभाष चंद्र गौड़ , बहादुर सिंह, राकेश कुमार और राहुल यादव शामिल थे। यहां हुई सभा में संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किसी भी प्रकार से जनता केहित में नहीं है।
इस बीच लखनऊ में मशाल जुलूस के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे समेत कई पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद बिजली अभियंता हड़ताल पर चले गए। गिरफ्तारी के विरोध में जार्ज टाउन में नारेबाजी और सभा करने वाले कई अभियंताओं को हिरासत में ले लिया गया।संघर्ष समिति के संयोजक जवाहर ने बताया कि मंगलवार की दोपहर दो से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। पांच अक्तूबर से पूर्ण रूपेण कार्य बहिष्कार आरंभ हो जाएगा।