जंक्शन पर जायके संग संस्कृति की झलक भी
सभी आश्रय स्थल पर रहेंगे स्थानीय पकवान
एलईडी पर दिखाए जाएंगे स्थानीय लोकनृत्य
प्रयागराज। कुंभ मेले के दौरान इलाहाबाद जंक्शन पर यात्रियों को इस बार जहां एक ओर स्थानीय खाने का स्वाद मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर संगम नगरी और उसके आसपास के जिलों के लोकनृत्य की झलक भी देखने को मिलेगी। यहां यात्रियों के लिए बनाए चार आश्रय स्थल पर खानपान के स्टॉलों में शहर के चर्चित पकवान इस बार उपलब्ध करवाने की तैयारी की गई है। इतना ही नहीं यात्री आश्रय स्थल पर लगी एलईडी में स्थानीय लोकनृत्य दिखाने का भी रेलवे इंतजाम कर रहा है।
कुंभ मेले के मद्देनजर जंक्शन के सिटी साइड में रेलवे ने कुल चार यात्री आश्रय स्थल बनाए हैं। इन चारों ही यात्री आश्रय स्थल की क्षमता ढाई-ढाई हजार यात्री की है। मेला अवधि में इन आश्रय स्थलों में रूट वार यात्रियों को रोके जाने की व्यवस्था रहेगी। इन स्थलों पर एनाउंसमेंट सिस्टम, शौचालय, अनारक्षित टिकट के काउंटर और ट्रेन आगमन-प्रस्थान की जानकारी के लिए एलईडी बोर्ड रहेगा। इसके अलावा यात्रियों के लिए यहां खान पान के स्टॉल भी रहेंगे। इन स्टॉलों में प्रयागराज और उसके आसपास वाले स्थानों के मशहूर व्यंजन यात्रियों को उपलब्ध कराएं जाएंगे। इसमें दमआलू, खस्ता, कचौड़ी, समोसा आदि के साथ इलाहाबादी अमरूद प्रमुख रूप से शामिल रहेगा। साथ ही स्थानीय संस्कृति से लोगों को रूबरू कराने के लिए आश्रय स्थल पर लगी एलईडी में कजरी, डेढ़िया, सोहर आदि लोकनृत्य भी श्रद्धालुओं को दिखाए जाएंगे। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ गौरव कृष्ण बंसल के मुताबिक यात्री आश्रय स्थलों पर शहर से जुड़े तमाम एतिहासिक चित्र भी लगाए जाएंगे। जंक्शन के चार आश्रय स्थलों के साथ नैनी के तीन, इलाहाबाद छिवकी में बनाए गए एक आश्रय स्थल पर भी यात्रियों को यह सुविधा दी जाएगी। इन सभी आश्रय स्थलों पर स्थानीय जायके संग संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।