अब दिवाली के बाद ही आएंगे नए सदस्य
- सदस्यों के इंतजार में फंसी यूपीपीएससी की कई परीक्षाएं
- कई में पूरी हो चुकी है आवेदन प्रक्रिया, फिर भी फंसी नियुक्ति
प्रयागराज। शासन ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में नए सदस्यों की नियुक्ति अब तक नहीं की है। नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया चार माह पहले पूरी हो चुकी है। शासन की इस लापरवाही से आयोग की तमाम बड़ी परीक्षाएं फंसी हुई हैं। आयोग में बुधवार से दिवाली की छुट्टी होने जा रही है। अगर मंगलवार को नए सदस्यों की नियुक्ति से संबंधित आदेश जारी भी हो जाता है तो सदस्यों के दिवाली के बाद ही ज्वाइन करने की उम्मीद है।
आयोग में सदस्यों के कुल आठ पद हैं और 15 जून से पहले सभी पदों पर सदस्य नियुक्त थे। 15 जून को तीन और 20 जून को एक सदस्य रिटायर हो गए। अगस्त में दो और अक्तूबर में एक अन्य सदस्य भी रिटायर हो गए। पांच माह के दौरान आठ में से सात सदस्यों के रिटायर हो जाने से आयोग में भर्ती परीक्षाएं तकरीबन ठप हो गई हैं। हालांकि सदस्यों की नियुक्ति को लेकर शासन ने शुरुआत में तेजी दिखाई थी और रिटायरमेंट का सिलसिला शुरू होने से पहले ही कार्मिक विभाग ने 25 अप्रैल से 25 मई तक नए सदस्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन भी मांग लिए थे। आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण पांच माह बीत चुके हैं और नए सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई।
सूत्रों का कहना है कि सदस्यों के नाम लगभग तय हो चुके हैं, लेकिन किसी एक सदस्य का सत्यापन होना है और इसी वजह से नियुक्ति संबंधी आदेश अटका हुआ है। सदस्यों के न होने से पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम फंसा हुआ है। वहीं, आरओ/एआरओ 2017 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी अटका हुआ है और इसी वजह से 25, 26 एवं 27 नवंबर को प्रस्तावित मुख्य परीक्षा का टलना तय हो गया है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का परिणाम भी इसी वजह से रुका हुआ है। अगर शासन स्तर से मंगलवार तक सदस्यों की नियुक्ति का आदेश जारी भी हो जाता है तो बुधवार से आयोग में दिवाली की छुट्टी हो जाएगी। इसके बाद आयोग सोमवार, 12 नवंबर को खुलेगा। ऐसे में लंबित परीक्षा परिणामों के लिए अभ्यर्थियों को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।