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भर्ती से पहले होगा प्रमोशन

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समूह ‘ग’ के पदों पर भर्ती से पहले होगा प्रमोशन
मुख्य सचिव ने 31 जनवरी तक प्रक्रिया पूरी करने का दिया आदेश
2018-19 में प्रोन्नति के रिक्त पदों का अधियाचन भी जाएगा आयोग

अविनाशी श्रीवास्तव
इलाहाबाद।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के गठन के साथ समूह-ग के पदों के लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इससे पहले प्रदेश के विभिन्न विभागाें में प्रमोशन भी होने जा रहा है। यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक पूरी कर लेनी है। मुख्य सचिव की ओर से इस बाबत पत्र भेजने के साथ रिपोर्ट भी मांगी गई है। इससे कर्मचारियों की वर्षों की प्रमोशन की उम्मीद पूरी हो जाएगी। साथ ही समूह-ग के हजारों पद रिक्त होने से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे।
सरकार ने छह महीने पहले ही सभी विभागों में प्रमोशन करने का आदेश दे दिया था। इसके बावजूद कई विभागों में अभी तक इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई है। 27 दिसंबर को हुई बैठक के बाद मुख्य सचिव ने एक बार फिर प्रमोशन के लिए आदेश जारी किया है। उन्होंने सभी विभागों में 31 जनवरी तक प्रमोशन करके रिपोर्ट मांगी है। यदि किसी विभाग में प्रमोशन के पद की योग्यता रखने वाले कर्मचारी नहीं हैं तो उन पर भी वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। मुख्य सचिव ने 2018-19 में प्रोन्नति के रिक्त पदों का अधियाचन भी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजने का निर्देश है। यह प्रक्रिया 31 जनवरी तक पूरी कर लेनी है। ताकि, इस वित्तीय वर्ष में रिक्त पदों पर भी समय रहते नियुक्ति की जा सके।
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प्रमोशन के मानक होंगे शिथिल
0 विभागीय प्रमोशन के मानक को शिथिल करने की तैयारी है। जिन विभागों में प्रमोशन वाले पदों पर मानक पूरा करने वाले कर्मचारी नहीं हैं, उनमें नियमों में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को पत्र लिखा है। इसके तहत प्रमोशन के लिए न्यूनतम सेवा अवधि में कमी की भी तैयारी है।
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प्रमोशन में रोड़ा डालने वालों को प्रतिकूल प्रविष्टि
राज्य के ज्यादातर विभागों में प्रमोशन के पद वर्षाें से खाली हैं। इन पदों पर प्रमोशन नहीं होने की वजह से कई कर्मचारी तो नियुक्ति वाले पद ही रिटायर हो गए। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। इन पदों पर भर्ती के लिए शासन की ओर से छह महीना पहले आदेश दिया गया था। मुख्य सचिव की ओर से लगातार रिमाइंडर भी भेजा गया लेकिन कई विभागों में अभी इसकी प्रक्रिया तक शुरू नहीं हुई है। इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मुख्य सचिव ने दोषी अफसरों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि देने या अन्य कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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