बताया कि इसके बाद तीनों थीम के लगभग पांच-पांच सुझावों को दूसरे चरण (16-20 मार्च) के लिए चुना जाएगा। अंत में 21 मार्च को तीनों वर्गों से एक-एक सुझाव का चयन होगा, साथ ही सभी को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा।
बता दें कि महाकुंभ के दौरान सटीक सुरक्षा व्यवस्था, सर्विलांस, आवागमन और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई और मशीन लर्निंग तकनीक से योजना तैयार की जाएगी। साथ ही तकनीक के क्षेत्र में ड्रोन, क्यूआर कोड और फेस स्कैनिंग का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें आईआईटी मद्रास, एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा, एमआईटी यूनिवर्सिटी पुणे, एनआईटी मिजोरम, एमएनएनआईटी प्रयागराज, यूनाइटेड कॉलेज प्रयागराज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से सुझाव आए हैं।