कुंभ से पहले दुरुस्त करेंगे शहर की सफाई व्यवस्था
0 नवागत नगर आयुक्त उज्जवल कुमार ने गिनाईं प्राथमिकताएं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कार्यभार संभालने के बाद सोमवार को मीडिया से मुखातिब नवागत नगर आयुक्त उज्ज्वल कुमार ने महानगर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने को चुनौतीपूर्ण बताया। कहा कि कुंभ से पहले शहर की सफाई व्यवस्था चाकचौबंद करने का पूरा प्रयास किया जाएगा, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु प्रयागराज के बारे में अच्छी छवि लेकर लौटें। इसके पहले नगर आयुक्त सुबह अकेले ही शहर का निरीक्षण करने निकल गए थे।
नगर आयुक्त ने कुंभ संबंधी कार्य भी तयशुदा समय पर पूरा कराने का भरोसा दिलाया। कहा, जल निगम के साथ तालमेल बिठाकर सभी कार्य समय पर पूरा कराने को कोशिश की जाएगी। हालांकि, दो सप्ताह के भीतर में काम खत्म करने के सवाल को वह टाल गए। उन्होंने निगम की आय बढ़ने, सफाई सर्वेक्षण में प्रयागराज की रैंकिंग में सुधार करने की प्राथमिकताएं भी बताईं। सोमवार सुबह नवागत नगर आयुक्त उज्जवल कुमार बिना निगम के अमले के अकेले ही शहर की सफाई व्यवस्था देखने निकल गए। उन्होंने सिविल लाइंस समेत शहर के मुख्य इलाकों में पहुंचकर कूड़ा उठवाने के साथ सड़कों की सफाई व्यवस्था भी देखी। दोपहर को निगम अधिकारियों के साथ संक्षिप्त बैठक की। कुंभ आयोजन में बेहद कम समय को देखते हुए इससे संबंधित कार्यों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। हरी-भरी को डोर-टू-डोर कूड़ा उठवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सफाई से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सात बजे ही फील्ड पर पहुंचने के साथ ही धूल उड़ने के चलते रोड स्वीपिंग मशीन को रात 11 बजे के बाद चलवाने के निर्देश दिए। बैठक में अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी आरडी वाजपेई समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बता दें कि उज्जवल कुमार मूलत: झारखंड के चतरा जिला निवासी उज्जवल वर्ष 2012 में आईएएस में चयनित हुए। वेटनरी साइंस से स्नातक उज्जवल की पूरी पढ़ाई दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में हुई है। वह मथुरा-वृंदावन नगर निगम के पहले नगर आयुक्त भी रह चुके हैं।
22 साल बाद आईएएस अफसर को कमान
22 साल बाद फिर आईएएस अधिकारी को नगर निगम में नगर आयुक्त की कमान सौंपी गई है। इससे पहले आईएएस एलआर यादव यहां 17 अगस्त 1996 में तैनात हुए थे। उनके जाने के बाद से पीसीएस अधिकारी को ही यहां नगर आयुक्त बनाए जाने की परंपरा रही। 22 सालों में यहां 20 पीसीएस अधिकारी नगर आयुक्त बनाए जा चुके हैं, जबकि 15 लाख आबादी का महानगर होने के नाते यहां नगर आयुक्त का पद आईएएस अधिकारी का माना जाता है। वर्ष 1965 में नगर महापालिका गठन के साथ ही प्रशासक के नाते आईएएस एचएन अग्रवाल को यहां की सबसे पहले कमान सौंपी गई थी। उसके बाद से महमूद बट से लेकर आलोक रंजन, जेएन द्विवेदी, डीके मित्तल, संजय अग्रवाल, हिमांशु कुमार जैसे चर्चित आईएएस अधिकारियों ने यहां बतौर नगर आयुक्त काम किया। अब 22 साल बाद सरकार ने फिर से आईएएस अधिकारी की तैनाती की है।