कहीं नहीं मिले आयोग अध्यक्ष के शैक्षिक दस्तावेज
कार्मिक विभाग, उच्च शिक्षा निदेशालय भी आरटीआई में जवाब देने को तैयार नहीं
प्रतियोगियों का आरोप, नई सरकार में भी छिपाई जा रही अध्यक्ष से जुड़ी सूचनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनुरुद्ध सिंह यादव के बारे में कोई भी विभाग कुछ बताने को तैयार नहीं है। प्रतियोगी छात्रों ने अध्यक्ष के बारे में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत लोक सेवा आयोग, कार्मिक विभाग, उच्च शिक्षा निदेशालय और जीबी पंत कॉलेज से उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी और कुछ शैक्षिक दस्तावेजों की कॉपी मांगी थी। आयोग ने आरटीआई में सीधे कह दिया कि उसके पास दस्तावेज उपलब्ध ही नहीं हैं, जबकि अन्य विभागों और जीबी पंत कॉलेज ने एक माह बाद भी कोई जवाब नहीं दिया।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने आरटीआई के तहत विभिन्न संस्थानों से आयोग अध्यक्ष की हाईस्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की जानकारी मांगी है। अंकपत्रों की फोटोप्रति भी मांगी गई है। इसके अलावा वर्ष 2002 में जीबी पंत कॉलेज कछला, बदायू में प्लेसमेंट ऑर्डर की छायाप्रति, जिस विज्ञापन संख्या 25 के तहत उनकी प्राचार्य पद पर नियुक्ति हुई थी, उस विज्ञापन संख्या के बारे में जानकारी मांगी है। यह भी पूछा है कि इस विज्ञापन के तहत प्राचार्य का पद अनुज्ञापित था कि नहीं।
अगर इस विज्ञापन से संबंधित कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो उसकी जानकारी भी दें। इसके अलावा कार्मिक से आयोग अध्यक्ष की बायोडाटा की प्रमाणित प्रति भी मांगी है। साथ ही पूछा है कि उन्होंने किस वर्ष में एलएलबी की डिग्री हासिल की। ऐसे ही तमाम सवालों का माह भर बाद भी आरटीआई में जवाब नहीं दिया गया है। मीडिया प्रभारी का कहना है कि प्रतियोगी छात्र लगातार आयोग अध्यक्ष की नियुक्ति पर सवाल उठा रहे हैं। विभागों और कॉलेज की ओर से कोई सूचना न दिए जाने से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि नई सरकार में भी आयोग अध्यक्ष के बारे में सूचनाएं छिपाई जा रही ह्रैं।