संगम नगरी की पहचान नैनी यमुना पुल (लोहे का पुल) अब रात के वक्त अंधेरे में नहीं डूबेगा। नगर निगम ने इस ऐतिहासिक पुल को आधुनिक लाइटों से रोशन करना शुरू कर दिया है।
संगम नगरी की पहचान नैनी यमुना पुल (लोहे का पुल) अब रात के वक्त अंधेरे में नहीं डूबेगा। नगर निगम ने इस ऐतिहासिक पुल को आधुनिक लाइटों से रोशन करना शुरू कर दिया है। 160 वर्ष पुराने इस पुल के मार्ग को प्रकाशमय करने के लिए बजट भी जारी किया गया है।
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पुल की सबसे बड़ी समस्या यहां कंपन (वाइब्रेशन) भी है। पुल के ऊपरी हिस्से पर ट्रेन एवं निचले हिस्से पर वाहनों के आवागमन से होने वाले कंपन के कारण सामान्य लाइटें अक्सर खराब हो जाती थीं। वर्षों पहले ट्यूब लाइट लगाई गई थी लेकिन समय के साथ सभी लाइटें बुझ गई।
इस बीच पुल पर रात के समय भी बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही को देखते हुए लंबे समय से मांग की जा रही थी इसे जगमग किया जाए। इसी वजह से नगर निगम ऐसी विशेष तकनीक की लाइट लगाएगा जो झटकों और कंपन को झेल सके। 1510 मीटर लंबे इस पुल की दोनों लेन को मिलाकर लगभग 3000 मीटर से अधिक दूरी तक नया केबल बिछाया जा रहा है। इसमें हाई-क्वालिटी स्पाइरल लाइट लगाई जा रही है। जिन स्थानों पर लाइट लगी है वहां पुल दूर से ही जगमग दिखाई दे रहा है। महाकुंभ-2025 के दौरान पुल को रंगीन झालरों से सजाया भी गया था।
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नैनी, डांडी की राह होगी आसान, खत्म होगा हादसों का डर
पुल पर अंधेरा होने से नैनी और डांडी की ओर आने-जाने वाले बाइक सवारों को काफी असुविधा होती थी। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों का डर भी बना रहता था। निगम के इस कदम से न केवल सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि यह ऐतिहासिक पुल रात के समय पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
पुराने यमुना पुल पर मार्ग प्रकाश की व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यहां नई लाइट लग रही है, जिससे शहर और नैनी के बीच आवागमन करने वालों को राहत मिलेगी। - गणेश केसरवानी, महापौर