सभी केंद्र : मेरठ के ध्यानार्थ
0000000000000000
पचास करोड़ की वसूली में बीएसएनएल मेरठ को राहत
0 हाईकोर्ट ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई, प्रतिभूति जमा करने को 30 दिन की मोहलत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) मेरठ को 50 करोड़ रुपये की पेनाल्टी वसूली में राहत देते हुए उसके विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बीएसएनएल पर वाणिज्य कर विभाग ने यह पेनाल्टी लगाई है। कोर्ट ने कहा कि याची संस्था सरकारी प्रतिष्ठान है और कर की अदायगी कर चुका है। अब पेनाल्टी वसूलने के लिए उसका उत्पीड़न नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने बीएसएनएल को प्रतिभूति जमा करने के लिए एक माह की मोहलत दी है।
बीएसएनएल की याचिका पर न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याची संस्था पर आरोप है कि उसने नोकिया सेमेंस प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एरॉउजन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को नेटवर्क विस्तार देने के एवज में धन लिया मगर इसका टैक्स जमा नहीं किया। इस पर वाणिज्य कर आयुक्त मेरठ ने कार्रवाई करते हुए बीएसएनएल पर पेनाल्टी लगा दी और वसूली की कार्यवाही प्रारंभ कर दी। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने पेनाल्टी वसूली पर रोक लगाते हुए बीएसएनएल को एक माह में नकद, बैंक गारंटी या बैंक ड्राफ्ट सहित अन्य प्रतिभूतियां वाणिज्य कर विभाग में जमा करने का निर्देश दिया है।