स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग पर संकट
- नागरिक प्रतिक्रिया, एप डाउनलोडिंग में शहर फिसड्डी
- 1250 में प्रयागराज को अब तक मिले हैं सिर्फ 30 अंक
प्रयागराज। शहरियों के रुचि न लेने के कारण स्वच्छता सर्वेक्षण में कुंभ नगरी की रैंकिंग पर संकट गहरा गया है। नागरिक प्रतिक्रिया, एप डाउनलोडिंग में शहर देश के अन्य शहरों से अपना शहर फिसड्डी साबित हो रहा है। इसके लिए निर्धारित 1250 अंक में अब तक की स्कोरिंग में सिर्फ 30 अंक ही मिले हैं। करीब 17 लाख की आबादी वाले शहर में अभी तक लगभग दस हजार लोगों ने स्वच्छता एप डाउनलोड कर प्रतिक्रियाएं दी हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में स्वच्छता एप डाउनलोड कर नागरिक प्रतिक्रिया(पब्लिक फीडबैक) के लक्ष्य दिए गए हैं। तमाम प्रयास के बाद भी लोगों की उदासीनता भारी पड़ रही है। हाल यह है कि निगम अफसर और कर्मचारी भी एप डाउनलोड नहीं कर रहे हैं। कम अंक मिलने का असर रहा कि नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार और स्वच्छता प्रभारी अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास ने मातहतों को कड़ी फटकार लगाई। विभागाध्यक्षों को एप डाउनलोडिंग का सभी को लक्ष्य देकर 24 घंटे में रिपोर्ट तलब कर ली।
कड़ाई का परिणाम रहा कि अफसर दिन भर शहर में धूमते नजर आए। लोगों से एप डाउनलोड कर प्रतिक्रिया देने का अनुरोध किया गया। एप कैसे लोड करें, इसके लिए जानकारी देने के लिए पोस्टर भी लगाए गए। अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास ने सभी अफसरों को स्वच्छता एप कराने के संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि रणनीति के मुताबिक काम न किए जाने के कारण स्वच्छता सर्वेक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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महापौर ने कहा जागरूकता अभियान चलाएंगे
महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने एप डाउनलोडिंग और पब्लिक फीडबैक के लिए शहरियों को जागरूक करने का अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियों और पार्षदों से घर-घर जाकर एप डाउनलोड कराने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने कहाकि शहर की स्वच्छता में रैंकिंग सुधरे, इसके काफी प्रयास किए गए हैं। अगले दो से चार दिन में इसके सार्थक परिणाम दिखेंगे, रैंकिंग में सुधार होगा।