रोक के बावजूद विद्यालयों में विद्यार्थियों को शारीरिक दंड
0 विभिन्न जिलों से अभिभावकों ने शासन से लेकर, शिक्षा निदेशक, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, निदेशक चाइल्ड लाइन तक से लगाई गुहार
0 माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर एडी ने सभी जेडी को सख्त कदम उठाने का दिया निर्देश
0 कार्रवाई करते हुए शासन को अवगत कराने को भी कहा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद के एक बड़े कॉन्वेंट स्कूल छात्र की आंख में चोट लगने का मामला हो या फिर फाफामऊ स्थित एक विद्यालय में प्रधानाचार्य द्वारा छात्र-छात्राओं की पिटाई। हाल में हुए इन मामलों के बाद जिस तरह अभिभावकों का विरोध सामने आया, विद्यालय प्रबंधनों ने इससे सीख नहीं ली। अब प्रदेशभर के माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में भी विद्यार्थियों को शारीरिक दंड देने के मामले लगातार आ रहे हैं। पिछले कुछ समय में इलाहाबाद समेत झांसी, बांदा, गोरखपुर आदि जिलों के कई विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा छात्र-छात्राओं को शारीरिक दंड दिए जाने के मामले सामने आए हैं। इस संबंध में अभिभावकों की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक से लिखित शिकायत की गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शारीरिक दंड पर प्रतिबंध से संबंधित शासनादेश का हवाला देते हुए सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को इसका कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।
विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का किसी तरह से उत्पीड़न करने पर रोक है। शिक्षकों को सख्त हिदायत है कि वे विद्यार्थियों को शारीरिक दंड नहीं देंगे। बावजूद इसके ऐसी शिकायतें लगातार आ रही हैं। प्रदेशभर के कई विद्यालयों में शिक्षक छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं लेकिन शिक्षकों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई नहीं हो रही है। विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसे में कई जिलों से अभिभावकों ने इस संबंध में शासन से लेकर, शिक्षा निदेशक, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, निदेशक चाइल्ड लाइन तक से गुहार लगाई। रोक के बावजूद विद्यार्थियों को शारीरिक दंड देने की लगातार आ रही शिकायतों को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद गंभीर हो गया है।
इस संबंध में शिक्षा निदेशक माध्यमिक के दिशा-निर्देश के बाद एडी माध्यमिक ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आदेश जारी कर ऐसे विद्यालयों के शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। दो दिन पहले जारी आदेश में एडी माध्यमिक विनय कुमार पांडेय ने कहा है कि स्पष्ट शासनादेश के बावजूद आए दिन विद्यालयों में शारीरिक दंड के मामले हो रहे हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक अपने अधीनस्थ जनपदीय अधिकारियों को इस आदेश से अवगत कराते हुए इसका कड़ाई से पालन और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। कार्रवाई से सीधे शासन को अवगत कराने के साथ एडी को भी सूचित करें।