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शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए करना होगा इंतजार

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शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए करना होगा इंतजार
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0 परीक्षा नियामक प्राधिकारी को मिला है परीक्षा कराने का जिम्मा, बेसिक शिक्षा परिषद पूरी करेगा आवेदन की प्रक्रिया
0 अभी तैयार होना है सॉफ्टवेयर और ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट, इस काम में लग सकता है चार से छह माह का समय
विजय सक्सेना
इलाहाबाद। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती शुरू होने में अभी कुछ समय और लग सकता है। शासन ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी का आदेश भले दे दिया हो लेकिन इसमें अभी इतने काम होने बाकी हैं कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने में चार से छह माह तक का वक्त लग सकता है।
शिक्षकों की कमी के कारण परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक कार्य प्रभावी हो रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जो एक-दो या अधिकतम तीन शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। शिक्षामित्रों को समायोजन रद्द होने के बाद स्थिति और गड़बड़ हो गई। ऐसे में काफी समय से शिक्षकों की भर्ती की मांग की जा रही है। हालांकि सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) तो करा ली है और परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को ही शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी का आदेश दे दिया है। अभी तक माना जा रहा था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया दिसंबर के अंत तक शुरू हो जाएगी लेकिन ऐसा होने की उम्मीद फिलहाल नहीं है।
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आवेदन की प्रक्रिया बेसिक शिक्षा परिषद के स्तर से होनी है और यह दिसंबर में इसलिए नहीं शुरू हो सकती क्योंकि इसके लिए सबसे पहले सॉफ्टवेयर तैयार करना होगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट बनाई जाएगी। फिर आवेदन का प्रारूप तैयार होगा। परिषद के अफसरों की मानें तो इस पूरी प्रक्रिया में ही चार से छह माह का समय लग जाएगा। यानी आचार संहिता खत्म होने के बाद दिसंबर के दूसरे सप्ताह में भी इस पर काम शुरू हुआ तो भी आवेदन की प्रक्रिया अप्रैल 2018 के पहले नहीं प्रारंभ हो सकेगी।
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परिषद ने आंशिक संशोधन के साथ वापस भेजा प्रस्ताव
इलाहाबाद। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए तैयार प्रस्ताव का बेसिक शिक्षा परिषद ने परीक्षण करके वापस भेज दिया है। प्राधिकारी कार्यालय ने पिछले सप्ताह प्रस्ताव तैयार कर परिषद को भेजकर इसमें आवश्यक सुझाव मांगे थे। सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि प्रारूप में आंशिक संशोधन करके मंगलवार को प्राधिकारी कार्यालय को भेज दिया गया। अब वहां से इसे शासन को भेजा जाएगा। आगे शासन के दिशा-निर्देश के तहत कदम उठाए जाएंगे।
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62 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी
प्रदेश भर के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 62 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी है। सबसे ज्यादा सीतापुर के परिषदीय विद्यालयों में दो हजार शिक्षकों की आवश्यकता है। इसके बाद कुशीनगर में 1950, गोंडा में 1450, इलाहाबाद में 1400, बहराइच एवं लखमीपुर खीरी में 1350-1350, गाजीपुर एवं हरदोई में 1300-1300, हरदोई में 1300, देवरिया एवं जौनपुर में 1200-1200, बस्ती में 1150, बांदा एवं अमेठी में 1100-1100, चित्रकूट एवं मैनपुरी में 1050-1050, अंबेडकर नगर, इटावा, फैजाबाद, लखनऊ, प्रतापगढ़, संतकबीर नगर एवं वाराणसी के विद्यालयों में 1000-1000 शिक्षकों की कमी है। इसके अलावा अन्य जिलों के विद्यालयों में भी 950 से लेकर 300 शिक्षकों की आवश्यकता है।
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