मीरगंज। नौ साल से अधर में लटके रामगंगा नदी के गोरा घाट पुल का निर्माण कार्य अगले दो-तीन दिन में शुरू होने की उम्मीद है। लखनऊ से आई सेतु निगम की टीम गुरुवार को गोरा घाट पहुंची और पुल निर्माण के लिए नाप-जोख का काम शुरू कराया। इसके साथ ही आठ नए सीमेंटेड पिलरों के निर्माण के लिए चिह्नांकन किया। तेजी से खुदाई के लिए जेसीबी मंगवाई गई है।
रामगंगा के गोरा घाट पुल का निर्माण वर्ष 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने शुरू कराया था। सपा सरकार आते ही पुल निर्माण कार्य भी अटक गया। गोरा के पूर्व प्रधान बाबूराम तुरैहा के नेतृत्व में मीरगंज-आंवला के सैकड़ों किसानों ने दो साल पहले पुल निर्माण के लिए गोरा घाट पर महीने भर तक धरना दिया था। अब योगी सरकार की हरी झंडी मिलने और बजट मंजूरी के बाद नौ साल से अधबने रामगंगा गोरा घाट पर पुल निर्माण की कवायद तेज हो गई है। गुरुवार को सेतु निगम के लखनऊ मुख्यालय से सहायक अभियंता बीके मौर्य, बरेली यूनिट के एसडीओ आरके सिंह, जेई मो. अशरफ समेत 12 टेक्नीशियंस की टीम गोरा घाट पहुंची और पुल का जायजा लिया। एई बीके मौर्य ने बताया कि पुल की कुल लंबाई 810 मीटर होगी। एक से दूसरे पिलर के बीच 30 मीटर का फासला रखा गया है।