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कुंभ में भूमि सुविधाओं के लिए आवेदन का आखिरी दिन आज

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कुंभ में भूमि सुविधा के लिए आवेदन का अंतिम दिन आज
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क्रासर
15 से भूमि आवंटन की शुरू होगी प्रक्रिया, सबसे पहले अखाड़ों को बसने के लिए दी जाएगी जमीन
भूमि के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक-सामाजिक संस्थाओं के अबतक 2600 आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। संगम की रेती पर बसने वाले कुंभनगर का हिस्सा बनने के लिए रविवार की शाम तक 2600 धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक महत्व की संस्थाओं ने मेला प्रशासन से भूमि सुविधाएं आवंटित करने के लिए आवेदन किया। इसमें ऑफलाइन के अलावा ऑन लाइन आवेदन भी शामिल हैं। सोमवार की शाम पांच बजे तक परेड क्षेत्र में बने अस्थाई मेला कार्यालय के संस्था पटल पर बने काउंटरों पर आवेदन प्रस्तुत किए जा सकेंगे। इसके बाद आवेदन नहीं लिए जाएंगे। 15 नवंबर को भूमि आवंटन की प्रक्रिया आरंभ होगी।
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परेड क्षेत्र में बने अस्थाई मेला कार्यालय के संस्था पटल के काउंटरों पर रविवार को दिन भर आवेदन जमा करने वालों की भीड़ लगी रही। सर्वर डाउन होने की वजह से कई बार रसीद जारी करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक महत्व की संस्थाओं की ओर से कुंभ मेला क्षेत्र में शिविर लगाने के लिए शाम पांच बजे काउंटर बंद होने तक कुल 2600 आवेदन जमा किए गए। सोमवार को भूमि आवंटन के लिए आवेदन जमा करने की आखिरी तिथि है। 15 नवंबर से भूमि आवंटन आरंभ होगा। इसके लिए सबी 13 अखाड़ों को भूमि निरीक्षण कराने के लिए मेला प्रशासन ने आमंत्रित किया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री महंत हरि गिरि के साथ सभी अखाड़ों के महंत भूमि देखने जाएंगे। 3200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में दिव्य कुंभ -भव्य कुंभ की परिकल्पना साकार करने के लिए इस बार अखाड़ों सहित पांच हजार से अधिक संस्थाओं को भूमि आवंटित की जाएगी। आध्यात्मिक संस्थाओं में अखाड़ों के बाद दंडीवाड़ा, आचार्यवाड़ा, शास्त्री गाटा, खाक चौक, कबीर नगर एवं प्रयागवाल को समूहों में भूमि आवंटित होगी। अरैल से फाफामऊ के बीच कुंभ नगर 20 सेक्टर में विभाजित होगा।
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