पीसीएस-2017 की सोमवार से शुरू हुई पीसीएस मुख्य परीक्षा दस फीसदी अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। परीक्षा में कुल 13664 अभ्यर्थियों को शामिल होना था लेकिन 89.88 फीसदी अभ्यर्थी ही उपस्थित रहे। 1383 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। मुख्य परीक्षा की तिथि को पहले से ही विरोध चल रहा था। अभ्यर्थी दूसरी परीक्षाओं का हवाला देकर और तैयारी के लिए कम समय मिलने के कारण परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा के लिए 14032 अभ्यर्थियों ने क्वालीफाई किया था। इनमें से 368 अभ्यर्थियों के आवेदन अपूर्ण होने के कारण उन्हें मुख्य परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। सोमवार को पहले सत्र में सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्न पत्र और दूसरे सत्र में द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। इसमें 13664 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 12281 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। अभ्यर्थी लगतार मांग कर रहे थे कि मुख्य परीक्षा की तिथि आगे बढ़ा दी जाए। सोमवार को आईबी में इंस्पेक्टर पद के लिए इंटरव्यू था।
इसके अलावा मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से डिग्री कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा थी, जिसमें बिना इंटरव्यू केवल स्क्रीनिंग के माध्यम से चयन होना है। तीन माह में परीक्षाफल भी घोषित कर दिया जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पीसीएस मुख्य परीक्षा चल रही है। 21 जून से बिहार पीसीएस का इंटरव्यू शुरू होना है। माना जा रहा है कि इसी वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पीसीएस मुख्य परीक्षा छोड़ दी।
पीसीएस मुख्य परीक्षा इलाहाबाद के 17 और लखनऊ के 11 केंद्रों में आयोजित की गई। इलाहाबाद के केंद्रों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग भी एक केंद्र के रूप में शामिल किया गया था। पहली पाली में सामान्य अध्ययन के प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा के बाद अभ्यर्थी अनुराग शुक्ला पुत्र हरिश्चंद्र शुक्ला ओएमआर की मूल कॉपी साथ लेकर चला गया। अभ्यर्थी मेजा रोड का रहने वाला है। आयोग के सचिव जगदीश ने बताया कि सिविल लाइंस थाने में अभ्यर्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। जल्द ही आयोग उसे डिबार करने का निर्णय लेगा। जितनी अवधि के लिए उसे डिबार किया जाएगा, उस अवधि में संबंधित अभ्यर्थी किसी भी आयोग की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा।