वर्ष 2013 में प्रधानाचार्यों के 600 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों का 13 वर्षों का लंबा इंतजार 16 सितंबर को खत्म हो गया। कोर्ट में लंबी लड़ाई के बाद 16 सितंबर को उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से शेष चार मंडलों (प्रयागराज, वाराणसी, अलीगढ़ व देवीपाटन ) के चयनित 80 प्रधानाचार्यों का पैनल जारी किया गया।
कुल 600 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों में से 193 अभ्यर्थियों ने वर्ष 2022 में ही पद ग्रहण कर लिया था। बाकी बचे अभ्यर्थी इस आदेश के साथ ही विभिन्न विद्यालयों में पद ग्रहण करना शुरू कर चुके हैं। अब तक करीब 300 प्रधानाचार्यों ने कार्यभार ग्रहण भी कर लिया है।
उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से सभी डीआईओएस को शनिवार को पत्र भेजा गया है। उपसचिव संजय सिंह की ओर से भेजे गए पत्र में डीआईओएस से यह कहा गया है कि पैनल में प्रधानाचार्य पद के लिए तीन अभ्यर्थियों के नाम भेजे गए हैं। उसका सत्यापन करते हुए कार्यभार ग्रहण कराएं।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रथम स्थान पर चयनित अभ्यर्थी तय समय के अंदर कार्यभार ग्रहण नहीं करता है तो मेरिट क्रम में अगले अभ्यर्थी का नाम भेजेंगे। आयोग की ओर से जारी पैनल में प्रत्येक कालेज के लिए तीन अभ्यर्थियों के नाम मेरिट के आधार पर निकाले गए हैं।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. संतोष कुमार शुक्ला ने कहा, लंबी लड़ाई के बाद चयनित प्रधानाचार्यों की जीत हुई है।