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यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों के आवंटन में गड़बड़ी

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गूगल भी नहीं पकड़ सका परीक्षा केंद्रों का खेल
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0 विद्यालयों के बीच की दूरी को गूगल की मदद से नहीं पकड़ पाए बोर्ड के अधिकारी
0 विद्यालयों की ओर से भेजी जानकारी में हेराफेरी कर बदल दिया संसाधनों का विवरण
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है। बोर्ड और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की रिपोर्ट में विद्यालयों की ओर से भेजी गई जानकारी में हेर-फेर करके परीक्षा केंद्र बना दिया गया।
यूपी बोर्ड की ओर से जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में विद्यालयों की ओर से भेजी गई परीक्षा कक्षों की संख्या बढ़ाकर उन्हें केंद्र बना दिया गया है। परीक्षा केंद्र बनाए जाने की उम्मीद लगाए बड़ी संख्या में विद्यालयों के परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने के बाद अब प्रबंधकों ने बोर्ड की ओर से पूरी परीक्षा केंद्र आवंटन की प्रक्रिया को सवालों के घेरे में खड़ा किया है। विद्यालयों द्वारा स्कूलों के बीच की दूरी के बारे में भरी गई गलत जानकारी को गूगल की मदद से पकड़ने की कोशिश भी नाकाम रही।
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कम कक्ष वाले विद्यालयों को अधिक दिखाकर बनाया परीक्षा केंद्र
0 बोर्ड की ओर से जारी परीक्षा केंद्रों की सूची के बारे में एक प्रधानाचार्य ने टिप्पणी की कि जो काम पहले जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के बाबू और अधिकारी करते थे अब वही काम यूपी बोर्ड के सिस्टम सेल ने कर दिया। उनका कहना था कि लाला जगदेव दास इंटर कॉलेज चिरैया का पूरा प्रयागराज के प्रधानाचार्य की ओर से विद्यालय में 12 कक्ष होने की जानकारी भेजी गई थी, परीक्षा केंद्र बनाए जाते समय यहां 18 कमरे दिखाकर केंद्र बना दिया गया। यूडी मेमोरियल असरावल कला की ओर से उनके15 कमरे होने की रिपोर्ट वेबसाइट पर अपडेट की गई थी, परीक्षा केंद्र बनाए जाते समय यहां 21 कमरे दिखाकर केंद्र बना दिया गया। नलिन पब्लिक इंटर कॉलेज असरावल कला में 14 कमरे के बदले 19 कमरे दिखाकर केंद्र बना दिया गया।
बगल में परीक्षा केंद्र भेज दिया 20 किमी दूर
0 यूपी बोर्ड की ओर से जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में शहर के बीचोबीच स्थित आदर्श ज्योति इंटर कॉलेज राजापुर का परीक्षा केंद्र 20 किमी दूर असरावल कला भेज दिया गया। प्रधानाचार्यों ने बताया कि बोर्ड की ओर से पास के विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने में प्राथमिकता देने को कहा गया था परंतु गलत जानकारी भरे जाने से शहर के एक किनारे पर स्थित अल्लापुर के कन्या विद्यालय की छात्राओं को शहर के दूसरे किनारे पर स्थित करेली के विद्यालय में केंद्र बनाकर भेज दिया गया, जबकि इसके बीच में 20 से अधिक विद्यालय हैं, जहां परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
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20 गुणा 20 वर्ग फुट का मानक पूरा नहीं
0 यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्र बनाने के लिए एक परीक्षार्थी के लिए बैठने के लिए न्यूनतम 20 गुणा 20 वर्ग फुट के मानक को पूरा करने केलिए कहा गया था परंतु बोर्ड की ओर से जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में बहुत छोटे कमरे वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। बोर्ड की ओर से जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए तय माना जा रहा है कि एक कमरे में 20 और 25 परीक्षार्थियों के अधिक नहीं होने का मानक पूरा करना संभव नहीं होगा।
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