कोरोना की दूसरी लहर के बाद बख्शी बांध पर बनाए जा रहे उपरगामी सेतु के निर्माण में तेजी आई है। उपरगामी सेतु के अब तक 20 पिलर तैयार कर लिए गए हैं। प्रयागघाट और प्रयाग स्टेशन क्रासिंग के एक तरफ के हिस्से में स्लैब भी ढाल दिया गया है। जबकि, दूसरी तरफ हाशिमपुर की ओर आठ पिलर बनकर तैयार हो गए हैं। बाकी पिलर बनाने का काम जारी है। उधर, क्रासिंग के पास रेलवे ने भी पिलर्स बनाने के लिए पाइल टेस्टिंग शुरू की है। रेलवे जल्दी ही पिलर बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
सेतु निगम के अधिकारियों ने बताया कि उपरगामी सेतु के लिए कुल 31 पिलर (रेलवे के तीन शामिल हैं) बनने हैं। इसमें से क्रासिंग के दोनों तरफ 20 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। क्रासिंग के पूर्व में सब्जी मंडी की तरफ कुल 12 पिलर बनाकर स्लैब ढाल दिया गया है। यह स्लैब दो सौ मीटर से अधिक लंबा है। जबकि, क्रासिंग के पश्चिम ओर यानी हाशिमपुर की ओर कुल 17 पिलर्स बनने हैं। इसमें से आठ पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। तीन पिलर पर कैप डाला जा रहा है। बाकी तैयार पिलर्स पर जल्दी ही कैप डाल दिया जाएगा। छह पिलर्स के लिए पाइल तैयार कर ली गई है।
इस तरह से उपरगामी सेतु का काम कोरोना की दूसरी लहर के बाद काफी तेज हो गया है। उधर, क्रासिंग पर रेलवे को काम कराना है। रेलवे क्रासिंग के दोनों ओर तीन पिलर्स बनाएगा। पिलर्स बनाने के लिए पाइल टेस्टिंग का काम कराया जा रहा है। पाइल टेस्टिंग के बाद पिलर की डिजाइन बनाकर काम बढ़ाया जाएगा। पाइल टेस्टिंग में रेलवे लोड का आंकलन करेगा।
सेतु निगम के अवर अभियंता ने बीके सिंह ने बताया कि अनलॉक के बाद से उपरगामी सेतु के निर्माण में काफी तेजी आई है। क्रासिंग के पूर्व सब्जी मंडी की तरफ का काम थोड़ा बाकी है जबकि हाशिमपुर की तरफ काम चल रहा है। जुलाई के अंतिम दिनों तक सभी पिलर लगभग तैयार हो जाएंगे। उसके बाद स्लैब ढाल दिया जाएगा। रेलवे का काम पूरा होने के बाद स्लैब को रेलवे वाले हिस्से से जोड़ दिया जाएगा। इस काम होने में तकरीबन चार महीने का वक्त लग जाएगा।