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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नामांकन से संबंधित खबरे

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इविवि में 60 पर्चे दाखिल, एक निर्विरोध निर्वाचन
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0 अध्यक्ष पद के लिए दस दावेदार, महामंत्री के लिए पांच नामांकन
0 पिछले साल के मुकाबले इस बार प्रत्याशियों की संख्या हुई कम
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इविवि छात्रसंघ चुनाव के लिए बुधवार को 60 उम्मीदवारों ने नामांकन कराया। इनमें से अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष, संयुक्त मंत्री और सांस्कृतिक सचिव जैसे पांच प्रमुख पदों के लिए 34 और बाकी अन्य पदों के लिए नामांकन कराने वाले प्रत्याशी हैं। पिछले साल के मुकाबले इस बार प्रत्याशियों की संख्या घटी है। अध्यक्ष पद के लिए दस और महामंत्री पद के लिए पांच प्रत्याशियों ने ही दावेदारी की है। हालांकि, अंतिम दौर पर मैदान में कितने प्रत्याशी बचते हैं, यह नामांकन पत्रों की जांच के बाद 30 सितंबर को शाम पांच बजे अंतिम सूची जारी होने के बाद स्पष्ट होगा।
परास्नातक एवं शोध प्रतिनिधि (वाणिज्य संकाय) के पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इस पद के लिए केवल बृजेंद्र उपाध्याय ने पर्चा दाखिल किया। छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए नौ प्रत्याशियों ने दावेदारी की है। वहीं, संयुक्त मंत्री पद के लिए चार और सांस्कृतिक सचिव पद के लिए छह उम्मीदवारों ने नामांकन कराया। स्नातक प्रतिनिधि कला संकाय पद के लिए सात, वाणिज्य संकाय पद के लिए दो, विधि संकाय पद के लिए दो और विज्ञान संकाय पद के लिए तीन उम्मीदवारों ने पर्चे भरे। वहीं, परास्नातक एवं शोध प्रतिनिधि कला संकाय पद के लिए छह, वाणिज्य संकाय के लिए एक, विधि संकाय के लिए दो और विज्ञान संकाय के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन कराया है। पिछले साल छात्रसंघ चुनाव के लिए कुल 67 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था। ऐसे में इस बार सात प्रत्याशी घट गए हैं।
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मैदान में केवल दो महिला प्रत्याशी
इविवि छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन कराने वाले 60 उम्मीदवारों में महज दो महिला प्रत्याशी शामिल हैं। पांच प्रमुख पदों की बात करें तो केवल एक महिला प्रत्याशी ने नामांकन कराया है। महामंत्री पद के लिए महिला प्रत्याशी नीलम सरोज ने पर्चा भरा है। वहीं, स्नातक प्रतिनिधि कला संकाय पद के लिए महिला प्रत्याशी श्वेता राव ने नामांकन कराया है। पिछले चुनाव में कुल चार महिला प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था।

आइसा पैनल से उपाध्यक्ष प्रत्याशी ने नहीं भरा पर्चा
आइसा पैनल से उपाध्यक्ष पद के लिए महिला प्रत्याशी शिवा पांडेय ने नामांकन नहीं कराया। आइसा पैनल के प्रत्याशी गाजे-बाजे के साथ नामांकन कराने पहुंचे तो उनमें शिवा पांडेय शामिल नहीं थीं। वहां चर्चा थी कि शिवा पांडेय के घर से दबाव था कि चुनाव न लड़ें, इसी वजह से उन्होंने नामांकन नहीं कराया।

अमित शाह के विरोध से चर्चा में आईं नेहा ने नहीं कराया नामांकन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का विरोध करने पर जेल जाने वाली इविवि की छात्रा नेहा यादव ने नामांकन नहीं कराया। दरअसल, नेहा ने समाजवादी छात्रसभा के पैनल से चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किया था। पैनल घोषित होने से पूर्व नेहा के शहर में जगह-जगह होर्डिंग और बैनर भी नजर आ रहे थे, लेकिन सपा की शीर्ष नेताओं ने इस बार अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी के तौर पर उदय प्रकाश यादव को तरजीह दी। शीर्ष नेताओं के निर्देश पर नेहा ने कदम पीछे खींच लिए और नामांकन नहीं कराया। अगर नेहा भी पर्चा भर देतीं तो समाजवादी छात्रसभा के लिए चुनौती बढ़ सकती थी।

फर्जी आईडी से नामांकन कराने आया छात्र पकड़ा गया
0 छात्रसंघ महामंत्री पद के लिए डमी कैंडिडेट के रूप आया था
0 साथ गए दो प्रस्तावकों से संबंधित दस्तावेज भी किए गए जब्त
इलाहाबाद। इविवि छात्रसंघ चुनाव के लिए बुधवार को एक डमी कैंडिडेट फर्जी आईडी से शिवम सिंह के नाम पर अपने दो प्रस्तावकों के साथ नामांकन कराने पहुंच गया। हैरत की बात यह कि दस्तावेजों की जांच के बाद उसे केपीयूसी के सामने वाले मेन गेट से प्रवेश भी दे दिया गया, लेकिन परिसर में प्रवेश के बाद पुलिस को इसके फर्जी होने की सूचना मिली और उसे पकड़ लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए उसके कुछ समर्थकों ने हो-हल्ला किया और धरना भी दिया, लेकिन पोल खुलते ही सभी भाग खड़े हुए। फर्जी प्रत्याशी को पुलिस साथ ले गई। इसके बाद विश्वविद्यालय के दो हॉस्टलों में कई बम और गोलियां चलीं। मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए इविवि प्रशासन ने कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है।
नामांकन सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक होना था। दोपहर 1.57 बजे गेट बंद होने वाला था, तभी फर्जी प्रत्याशी अपने दो प्रस्तावकों के साथ दौड़ते हुए पहुंचा। समय बीत रहा था, सो प्रॉक्टोरियल बोर्ड के लोगों ने हड़बड़ी में उसे परिसर में प्रवेश की अनुमति दे दी। वह सीधे नामांकन स्थल पर पहुंचा और दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि शिवम सिंह नाम का प्रत्याशी फर्जी आईडी लेकर पहुंचा है। उसके दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसका नाम शिवम त्रिपाठी है। अभिलेख में शिवम सिंह का नाम था और उनसे अपनी फोटो लगा रखी थी।
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अभिलेख में जिस शिवम सिंह का नाम था, वह बीए प्रथम वर्ष का छात्र है। पूछताछ पर अपना नाम शिवम त्रिपाठी बताने वाले फर्जी कैंडिडेट ने यह भी बताया कि उसे एलएलबी के छात्र अमित सिंह और बीए द्वितीय वर्ष के छात्र प्रभात कुमार ने शिवम सिंह से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराया था। साथ ही कहा कि उसने वर्ष 2017 में इविवि से प्राचीन इतिहास में एमए किया है। उसके साथ गए प्रस्तावक अमित सिंह और प्रभात कुमार श्रीवास्तव से संबंधित दस्तावेज भी जब्त कर लिए गए। गौरतलब है कि महामंत्री पद पर एबीवीपी से शिवम सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। माना जा रहा है कि शिवम सिंह के खिलाफ ही इस डमी कैंडिडेट को उतारे जाने की तैयारी थी लेकिन वह पकड़ा गया और नामांकन नहीं करा सका।
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