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दस दिन बाद खत्म हुआ जाफरी कॉलोनी का जलभराव

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दस दिन बाद खत्म हुआ जाफरी कॉलोनी का जलभराव
पोकलैंड मशीन की मदद से तोड़ा गया स्लैब, नाले से निकले रजाई और गद्दे

इलाहाबाद। पिछले करीब दस दिन से नारकीय स्थिति भोग रहे जाफरी कॉलोनी के हजारों लोगों को आखिरकार आज निजात मिल गई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद नाले पर बने स्लैब को तोड़ने में कामयाबी मिली जिससे भीतर भरा गंदा पानी बाहर निकल सका। नाला खुलने के बाद उसके भीतर से रजाई-गद्दे तक निकले। इनकी वजह से ही नाले के चैंबर बुरी तरह चोक थे। देर-शाम तक मोहल्ले में भरा पानी पूरी तरह बाहर निकल गया लेकिन मोहल्ले में दुर्गंध एवं सिल्ट अभी भी भरी हुई है।
बेनीगंज के साठ फीट रोड के समीप बसी जाफरी कॉलोनी के दो सौ से अधिक घरों में रहने वाले लोग 19 अप्रैल से मोहल्ले में बैक फ्लो होकर भरे नाले का पानी बाहर न निकलने से परेशान थे। मोहल्ले में दो फीट ऊंचाई तक नाले का पानी भरा था। इसे बाहर निकालने के लिए पिछले कई दिनों से निगम का पूरा अमला जुटा था लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हो रहा था। आज सुबह नौ बजे प्रभारी नगर आयुक्त ऋतु सुहास की अगुवाई में नगर अभियंता, गंगा प्रदूषण नियंत्रण अभियंता, सफाई निरीक्षक अरविंद कुमार स्वास्थ्य एवं जनकार्य विभाग के गैंग समेत पहुंच गए। खोदाई से मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए शुरुआत में मजदूरों से नाला खुलवाने की कोशिश हुई। डेढ़ दर्जन मजदूर करीब एक घंटे तक कोशिश करते रहे लेकिन कामयाब नहीं हुए। बेहद संकरी गली होने से सिल्ट निकालने में भी परेशानी हो रही थी। उसके बाद शंकरगढ़ से मंगवाई गई पोकलैंड मशीन उतारी गई। दस मीटर गहराई और करीब पचास मीटर दूर तक मशीन से खोदाई हुई। आखिरकार मशीन के उतरने से कामयाबी मिल गई और सिल्ट से बुरी तरह चोक नाले के कुछ चैंबर खुल गए। उसके भीतर से रजाई, गद्दे समेत दूसरी वस्तुएं बाहर आई। इन्हीं सबके चलते नाला बुरी तरह चोक था। करीब पांच घंटे चली कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम को मोहल्ले में भरा पानी बाहर निकल गया लेकिन मोहल्ले के भीतर अभी भी दुर्गंध एवं सिल्ट भरी हुई है। प्रभारी नगर आयुक्त ऋतु सुहास के मुताबिक कीटनाशक दवाईयों के छिड़काव 8के निर्देश दे दिए गए हैं। सिल्ट सुखने के एक-दो दिन के भीतर उसे भी उठवा लिया जाएगा।
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पूर्व विधायक के खिलाफ नगर निगम ने दी तहरीर

इलाहाबाद। नगर निगम ने सार्वजनिक दुर्घटना को निमंत्रण देना, लोक अशांति पैदा करना एवं महामारी फैलाने के आरोप में बिल्डर के खिलाफ करेली थाने में तहरीर दी है। प्रभारी नगर आयुक्त के मुताबिक जांच केदौरान यह बात सामने आई कि नियमों से परे जाकर पूर्व विधायक आसिफ जाफरी की ओर से यह कॉलोनी बसाई गई। उसमें नाला पाटे जाने के साक्ष्य मिले हैं। एडीए को भी उन्होंने पत्र लिखकर अवैध प्लाटिंग के आरोप में कार्रवाई करने को कहा है।

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अभी तक वापस नहीं लौटे लोग

इलाहाबाद। कॉलोनी के भीतर आठ दिन से पानी भरा होने से कई परिवार के लोगों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखी थी लेकिन आज शाम को मोहल्ले से पानी बाहर निकल जाने के बावजूद लोगों के लौटने का सिलसिला अभी शुरु नहीं हुआ है। पार्षद रोहित मालवीय का कहना है पेयजल एवं बिजली व्यवस्था सामान्य है। ऐसे में लोग जल्द लौट आएंगे।
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शंकरगढ़ से आई मशीन तब जाकर सुलझी परेशानी

इलाहाबाद। कॉलोनी के लोगों की समस्या कुछ दिन पहले ही निपट जाती अगर पोकलैंड मशीन समय पर मिल जाती। करीब चार दिन सिर्फ पोकलैंड मशीन किस महकमे के जरिए मंगवाई जाएगी इसी विवाद को हल करने में बीत गए हालांकि नगर निगम के पास भी पोकलैंड मशीन है लेकिन वह खराब बताई जा रही है। निगम अधिकारियों के मुताबिक इस मशीन के एक दिन का खर्च ही करीब 30 हजार है। इस रकम को खर्च करने को न नगर निगम राजी हो रहा था और न गंगा प्रदूषण नियंत्रण ईकाई। आखिरकार गंगा प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों ने खर्च वहन करना स्वीकार किया तब जाकर मशीन मंगवाई गई। शंकरगढ़ के समीप एक एजेंसी के मार्फत यह मशीन यहां पहुंची और करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार दस दिन से परेशानी झेल रहे लोगों को उससे निजात मिल गई।
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