मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एलथ्री कोविड अस्पताल एसआरएन में शुक्रवार को एक हजार लीटर क्षमता को लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया। पीएम केयर फंड से स्थापित इस प्लांट से अस्पताल के वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति आरंभ हो गई है। पीएमएसएसवाई ब्लाक परिसर में इसी क्षमता का एक अन्य ऑक्सीजन प्लांट निर्माणाधीन है। अगले दस दिन में इसे भी शुरू करने की तैयारी है।
लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के लिए 29 मई को भूमि पूजन के साथ नींव का काम शुरू किया गया था। एनएएचआई ने भवन निर्माण और डीआरडीओ ने उपकरण आदि की स्थापना रिकार्ड समय में कराई है। प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह की मौजूदगी में शुक्रवार को प्लांट का शुभारंभ किया गया। उन्होंने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों के मद्देनजर दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की योजना के तहत काम कराया जा रहा है। प्लांट से वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। यह ऑक्सीजन परिसर में स्थापित 20 हजार लीटर के प्लांट से अतिरिक्त होगी। इससे मरीजों को सहूलियत होगी।
अस्पताल परिसर में दूसरे ऑक्सीजन प्लांट के भवन निर्माण संबंधी कार्य यूपीपीसीएल ने कराए हैं। इसमें टाटा एडवांस उपकरणों को स्थापित करेगा। लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट शुभारंभ मौके पर एसआईसी डॉ. अजय सक्सेना, सह नोडल कोरोना डॉ. सुजीत वर्मा, डिप्टी एसआईसी गौतम त्रिपाठी, डॉ. संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।
फूलपुर सीएचसी में पीकू वार्ड तीन दिन में होगा तैयार
कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों के क्रम में फूलपुर सीएचसी में बच्चों के लिए दस बेड का पीकू वार्ड तीन दिन में तैयार हो जाएगा। यहां हर बेड पर मॉनीटर लगाए गए हैं। लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना और वार्ड में ऑक्सीजन पाइप लाइन का काम चल रहा है। जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने शुक्रवार को पीकू वार्ड स्थापना की समीक्षा की। सीएमओ डॉ. प्रभाकर राय ने बताया कि पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट की स्थापना का काम शासन के निर्देश पर तेजी से किया जा रहा है। यहां काम लगभग पूर्णता की ओर है। 250 एलपीएम( लीटर प्रति मिनट) क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। बिजली का काम पूरा है। 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया गया है। दस जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर और दो बाईपैप की व्यवस्था की गई है। सीएचसी फूलपुर को दस ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। डीएम पीकू वार्ड स्थापना कार्य में तेजी लाने और मानक के मुताबिक गुणवत्ता का ख्याल करने के निर्देश दिए हैं।