लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार हुए कर्मचारियों को अब अपने भविष्य निधि का सहारा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के प्रयागराज कार्यालय के अंतर्गत 100 लोग अग्रिम भुगतान प्राप्त भी कर चुके हैं। इसके अलावा कई अन्य ने आवेदन किया है। भुगतान की प्रक्रिया सरल करने तथा पहचान पत्र को लेकर आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए संगठन की ओर से साफ्टवेयर में भी बदलाव किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि कर्मचारी अपने भविष्य निधि खाते से तीन महीने के वेतन एवं महंगाई भत्ता या कुल जमा के 75 फीसदी में से जो कम हो (अधिकतम 45 हजार रुपये) उसका अग्रिम भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए पिछले महीने ही आवेदन शुरू हो गया था। आवेदकों की संख्या का अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि पूरे देश में अब तक एक लाख 37 हजार कर्मचारियाें को भुगतान हो चुका है। इन्हें दो अरब 79 करोड़ 65 लाख से अधिक का भुगतान हुआ है। इसके अलावा बड़ी संख्या में कर्मचारी अब भी कतार में हैं। प्रयागराज में भी करीब 100 कर्मचारियों को अग्रिम भुगतान किया जा चुका है।
शुरुआती दिनों में तकनीकी खामियों की वजह से भुगतान में देरी हो रही थी। इन खामियों को दूर करने के साथ साफ्टवेयर में भी बदलाव किए गए हैं। इसके तहत डाक्यूमेंट की उपलब्धता के आधार पर आवेदनों का वर्गीकरण किया गया है। जिनके आधार कार्ड तथा अन्य डाक्यूमेंट पूरे हैं, उनके आवेदन सीधे लेखा अनुभाग में चले जाएंगे। इनके अलावा जिनमें छोटी गलतियाें को तत्काल दूर किया जा रहा है। यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक है। इसमें मैनुअल कम से कम है। सहायक निदेशक अकील अहमद सिद्दीकी ने बताया कि पूरी प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। पैसा सही खाते में जाए इसका ध्यान रखकर जल्द से जल्द भुगतान की कोशिश की जा रही है।
जन्मदिन में अंतर तो आधार कार्ड होगा मान्य
आवेदन में सबसे अधिक दिक्कत जन्म तिथि तथा नाम की स्पेलिंग को लेकर हैं। ऐसे मामलों में यह देखा जा रहा है कि कहीं गलत आदमी को भुगतान तो नहीं हो रहा। इसकी जांच के बाद आधार कार्ड में दर्ज विवरण को ही सही मानकर भुगतान किया जा रहा है।