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कोरोना के खिलाफ जंग में अब तक सौ करोड़ की राहत

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कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में गरीबों, जरूरतमंदों और प्रवासी मजदूरों के लिए राहत केतौर पर अब तक तकरीबन सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। इसमें जनधन योजना के तहत खोले गए गरीबों के खातों में पांच सौ रुपये की राहत राशि के अलावा परंपरागत व्यवसायों पर आधारित मेहनतकशों के खातों में एक-एक हजार रुपये की मदद भी शामिल है। होम क्वारंटीन प्रवासी मजदूरों के अलावा कार्डधारकों को मुफ्त राशन और खाने के मद में भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। लॉकडाउन के दौरान मई तक दिल्ली, मुंबई, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात समेत अन्य राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों को खाना और गरीबों को मुफ्त राशन वितरण के नाम पर छह करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक जिले में 9.58 लाख, 499 राशन कार्ड धारक हैं। इनमें अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या 88,108 है। इन कार्डधारकों को मुफ्त राशन वितरण के लिए 1945 कोटेदारों के खातों में 1.50 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि भेजी गई है। बाहर से आए मजदूरों को क्वारंटीन किए जाने व घर भेजने के दौरान कम्युनिटी किचन के तौर पर मुफ्त खाना खिलाने के नाम पर मार्च में 30 लाख और अप्रैल में 65 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। होम क्वारंटीन किए गए प्रवासी श्रमिकों को 10 किग्रा चावल, 10 किग्रा आटा व अन्य खाद्य सामग्री वाली राशन किट भी 21,500 लोगों को वितरित की गई है। इस तरह प्रति राशन किट की कीमत 1162 रुपये निर्धारित है। इस मद में कुल 2.50 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए गए हैं। इनमे से 6794 ऐसे गरीब लोगों को यह राशन किट उपलब्ध कराई गई है, जो फिलहाल किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा रहे थे। इसके अलावा 1.47 लाख, 460 लोगों के खाते में एक-एक हजार रुपये की राहत राशि भेजी गई है। लॉकडाउन के दौरान अलग-अलग समूहों में काम ठप होने की वजह से प्रभावित 80,144 मजदूर शामिल हैं। इनके अलावा श्रम विभाग की ओर से पंजीकृत 66, 416 श्रमिकों के खाते में भी राहत राशि के रूप में एक-एक हजार रुपये की पहली किस्त भेजी गई है।
प्रयागराज। जन धन योजना के तहत खोले गए गरीबों के खातों में भी अब तक दो किस्तों में पांच-पांच सौ रुपये की राहत राशि भेजी गई है। इसके तहत अब तक 89.60 करोड़ रुपये की राहत राशि गरीब परिवारों को दी जा चुकी है। एलडीएम ओएन सिंह ने बताया कि बीते अप्रैल में 8.70 लाख जनधन खाताधारकों के खाते में पांच-पांच सौ रुपये की राशि जारी की गई थी जबकि मई में 9.22 लाख खाताधारकों के खाते में पांच-पांच सौ रुपये दिए गए हैं। जून की राहत राशि जल्द ही खाताधारकों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
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कोविड-19 के मद्देनजर मंदी व बंदी को देखते हुए बैंकों से लोन लेकर कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों को राहत प्रदान की जा रही है। इसके कई फायदे होंगे। सिडवी के प्रबंधक मुकेश जायसवाल बताते हैं कि लॉकडाउन के बाद भी तीन महीने तक ईएमआई न जमा करने की छूट दी गई है। इससे लॉकडाउन के समय जब काम बंद है, तब उद्यमियों को नकदी की समस्या से मुक्ति मिल गई है। ईएमआई की नकदी पुन: व्यापार संचालन में सहायक होगी।
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