कोरोना ने मौसम का मिजाज बदल दिया, पर्यावरण के लिए भी अनुकूल रहा और सामाजिक एवं पारिवारिक रिश्तों को भी मजबूती प्रदान की। राजकीय पीजी कॉलेज सैदाबाद में जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. एके वर्मा के शोध में यह बातें सामने आई हैं और उनके इस शोध को ग्लोबल बायोसाइंस की शोध पत्रिका में प्रकाशित भी किया गया है। डॉ. वर्मा ने अपने शोध में कहा कि कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी ने पर्यावरण को सभी जीवनधारियों के अनुकूल कर दिया। बेहतर पर्यावरण का नतीजा है कि अस्पतालों में ओपीडी बंद होने के बावजूद मृत्यु दर में कमी आई है।
कोविड-19 के कारण विभिन्न देशों की सरकारों ने आंशिक या पूरी तरह से लॉकडाउन किया। परिणाम स्वरूप उद्योग-धंधे बंद हो गए। वैश्विक तापमान में वृद्धि करने वाले सभी कारक न्यून हो गए। इससे वैश्विक तापमान में भी गिरावट आई। प्रयागराज में भी इस समय जहां 45 डिग्री के आसपास तापमान रहता था, अब सामान्य है। जैव विविधता फलने-फूलने लगी है। गंगा, यमुना, राप्त और सरयू नदी में पारदर्शिता बढ़ी है और मछलियां सतह के निकट विचरण करती नजर आ रही हैं। लॉकडाउन के कारण लोगों को ज्यादातर वक्त घरों में बीता और इससे पारिवारिक रिश्ते मजबूत हुए।