पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी पम्मी ने पूरी घटना बयां की। बताया कि घटना वाली रात उसने अंश को 500 रुपये देकर बहलाया। फिर कुछ अच्छा खिलाने की बात कहकर उसे स्कूटी पर बैठा लिया और सरायइनायत ले गया। वहां उसका साथी शनि मिला और फिर दोनों स्कूटी वहीं छोड़कर अंश को कार में बैठाकर हंडिया की ओर चल दिए। उन्होंने सुनसान जगह पर कार रोककर अंश का हाथ-पांव ही नहीं, बल्कि मुंह भी बांध दिया, ताकि वह चीख न सके।
बंधन बहुत कसा होने के चलते ही मासूम कुछ देर में बेसुध हो गया। इसके बाद उन दोनों को लगा कि अब अगर बच्चे को छोड़ा तो वह घरवालों को सबकुछ बता देगा और वह फंस जाएंगे। ऐसे में उन्होंने सिर पर ईंट से वारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। फिर हंडिया पहुंचकर शव फ्लाईओवर के नीचे फेंककर चले आए। उधर सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के दौरान यह बात सामने आई कि सिर पर लगी चोट की वजह से ही मासूम की मौत हुई। सिर में तीन से चार जख्म के निशान मिले हैं।
अपनी ही चालाकी में धरा गया
हत्या के बाद शनि सरायइनायत में ही रुक गया और पम्मी स्कूटी लेकर वापस चला आया। यहां पुलिस को गुमराह करने के लिए वह परिजनों के साथ रात भर बच्चे को तलाशने का ड्रामा करता रहा। सीसीटीवी फुटेज भी दिखवाता रहा। हालांकि, वह अपनी ही चालाकी में धर लिया गया। दरअसल, तलाश के दौरान ही उसने शनिवार को कहा कि उसने घटना से कुछ देर पहले ही अंश को देखा था और उसे 500 रुपये देकर चौराहे के पास छोड़ दिया था। पुलिस ने जब उससे इसकी वजह पूछी तो वह घबरा गया और बात घुमाने लगा। सीसीटीवी फुटेज में भी वह नजर नहीं आया। शक होने पर उसे थाने लाकर पूछताछ की गई तो वह टूट गया। एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों को दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
परिवार से अच्छे थे संबंध
परिजनों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी का बच्चे के घर आना-जाना था और माता-पिता से संबंध बहुत अच्छे थे। हाल ही में उसकी शादी हुई थी, जिसमें बच्चे के परिजनों ने 50 हजार रुपये की मदद भी की थी। मोहल्ले के लोगों में उसके प्रति जबरदस्त आक्रोश था। यही वजह रही कि सुबह घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग थाने भी पहुंचे थे।
पिता बोला-मासूम ने क्या बिगाड़ा था
मासूम बेटे की हत्या के बाद पिता शिव मोल व मां ज्योति को गहरा सदमा पहुंचा था। मर्चरी में पूछने पर पिता ने कहा कि उसका पम्मी से कभी कोई विवाद नहीं हुआ, बल्कि पड़ोसी होने के नाते उसने व उसकी पत्नी ने उसकी मदद ही की थी। इसके बाद भी उसने ऐसा क्यों किया, वह समझ नहीं पा रहा है। पिता ने यह भी कहा कि आखिर मासूम ने उसका क्या बिगाड़ा था जो उसे मार दिया।