जिन व्यावसायिक और अर्द्ध व्यावसायिक भवनों के मालिकों ने अब तक गृहकर नहीं जमा किया है, उनके लिए खुशखबरी। नगर निगम ने ऐसे गृहकरदाताओं के लिए टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट फिर से लागू कर दी है। यह छूट 31 मार्च तक मिलेगी। जिन लोगों ने व्यावसायिक गृहकर जमा कर दिया है, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि अगले बिल में उनकी दस प्रतिशत छूट की रकम समायोजित कर दी जाएगी। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी के आदेश के बाद नगर आयुक्त देवेंद्र कुमार पांडेय ने सोमवार को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया। इसके अलावा जो लोग बढ़ा गृहकर नहीं जमा कर रहे हैं, उनके सामने ब्याज से बचने और दस फीसदी छूट का फायदा उठाने का अब अंतिम मौका है। इसके बाद नए वित्त वर्ष में ब्याज अदा करना होगा। करदाताओं को जलकर के ब्याज पर तो छूट मिल जाती है लेकिन गृहकर के ब्याज में किसी तरह की छूट भी नहीं मिलेगी।
व्यावसायिक भवनों के बढ़े गृहकर को लेकर लगातार हो रहे विरोध के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने टैक्स अब तक नहीं जमा किया है, जबकि निगम प्रशासन ने 29 फरवरी तक टैक्स में 10 फीसदी की छूट भी दी थी। व्यावसायिक और अर्द्ध व्यावसायिक भवनों के मालिकों को अब यह छूट 22 से 31 मार्च तक फिर से दी जा रही है। महापौर ने निगम प्रशासन को यह भी आदेश दिया है जिन व्यावसायिक और अर्द्ध व्यावसायिक भवनों के मालिकों ने पूरा गृहकर जमा कर दिया है, उनकी छूट की रकम अगले बिल मेें समायोजित कर दी जाए।
उन्होंने कहा है कि व्यावसायिक और अर्द्ध व्यावसायिक भवनों के मालिक गृहकर जमा करें। टैक्स कम करने के लिए शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। शासन से राहत मिलने पर टैक्स के रूप में जमा की गई ज्यादा रकम को समायोजित किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि टैक्स जमा करने के लिए रविवार 27 मार्च को निगम मुख्यालय समेत सभी जोन कार्यालयों में काउंटर खुले रहेंगे।