उत्तर प्रदेश में बीडीसी सदस्य को बदलने के लिए कड़ा ब्लॉक के अधिकारियों ने अजब कारनामा कर डाला। साढ़ो गांव की बीडीसी सदस्य को न सिर्फ मुर्दा बता दिया गया बल्कि 28 जुलाई को उपचुनाव की अधिसूचना भी जारी कर दी।
अधिसूचना जारी होने पर ब्लॉक कर्मचारियों और अफसरों की इस करतूत का खुलासा हुआ। बीडीसी के घरवालों ने डीएम से मिल शिकायत दर्ज कराई कि वह जिंदा है।
ब्लॉक के अधिकारियों की इस करतूत से हैरान जिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) ने बृहस्पतिवार उपचुनाव निरस्त कर दिया है। मामले में एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ एफआईआर कराने का आदेश दिया गया है।
कड़ा ब्लॉक के साढ़ो गांव में बीडीसी सदस्य पद चुनाव 2010 में हुआ था। यह पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित था। इस पद पर सुल्तानपुर ख्वाजा कड़क गांव की रहने वाली रूपांबर पत्नी विनोद कुमार निर्वाचित हुई थी।
27 जून 2013 को ग्राम विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत कड़ा की तरफ से डीपीआरओ को बीडीसी सदस्य की मृत्यु की सूचना भेजी गई।
वीडीओ और एडीओ पंचायत की सूचना को सही मानते हुए तत्कालीन डीपीआरओ ने राज्य निर्वाचन आयोग को पत्र भेज दिया।
आयोग के आदेश पर नौ जुलाई को जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येंद्र कुमार ने साढ़ो के बीडीसी सदस्य, दौलतपुर कसार में प्रधानपद और सरसवां व नेवादा ब्लॉक में एक-एक पंचायत सदस्य पद पर 28 जुलाई को उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी।