डिबाई के गांव धीमई निवासी सूर्यकांत शनिवार को अतरौली के गांव चालकपुर में सर्प पकड़ने गए थे। उन्होंने वहां एक कोबरा सर्प को पकड़कर डिब्बे में बंद कर लिया।
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सर्प पकड़ने के दौरान ही कोबरा की गंध उनके दिमाग में चढ़ गई। इससे उन्हें बेहोशी छाने लगी। उन्होंने तुरंत अपने साथियों से अस्पताल ले जाने का आग्रह किया। उनके साथी आनन-फानन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में उनका उपचार शुरू किया गया। हाथ में डिब्बे में बंद सर्प देखकर वहां मौजूद मरीजों और तिमारदारों की भीड़ जमा हो गई। कुछ देर बाद सूर्यकांत को होश आया।
सांप को बचाने का कार्य
होश आने पर सूर्यकांत ने बताया कि वह सर्पों को बचाने का कार्य करते हैं। वह सर्पों को जिंदा पकड़कर जंगल में छोड़ते हैं ताकि कोई उन्हें मारे नहीं। सूर्यकांत के अनुसार, पृथ्वी के संतुलन के लिए सर्प बेहद जरूरी हैं। डॉ सुल्तान अहमद ने बताया कि युवक की हालत खतरे से बाहर है।