गंगीरी के गांव नगला ब्राह्मण निवासी गौरव पुत्र ओमकार ने 10 जुलाई की देर शाम को थाने पहुंचकर पुलिस से कहा साहब, मैंने रमेश को मार दिया है। यह सुनकर पुलिस सकते में आ गई। गौरव को हवालात में बंद कर पुलिस गांव पहुंची तो रमेश शराब के नशे में जमीन पर लेटा हुआ जिंदा मिला। तब कहीं जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
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गांव निवासी गौरव ने बताया कि गांव का ही रमेश शराब पीकर मेरे पास आया और गाली गलौज करने लगा। गालियां देने से मना किया तो मारपीट करने लगा। मैंने रमेश को चांटा मार दिया तो चांटा लगते ही रमेश जमीन पर गिर गया। मुझे लगा कि रमेश मर गया।
डर के कारण वह थाने पहुंच गया और पुलिस को सब कुछ बता दिया। वहीं, कार्यवाहक थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को गौरव व रमेश में समझौता हो गया है। इसलिए गौरव को छोड़ दिया गया है।