आरोप है कि वह किशोरी को अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के ऑफिस में ले गया। ऑफिस के अंदर ले जाकर उसने इस किशोरी को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया, जिससे किशोरी बेहोश हो गई। इस दौरान उसने इस किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। दूसरा कर्मी विशाल वहां पहरेदारी करता रहा। इस दौरान थोड़ी देर बाद किशोरी की मां की आंख खुली और उसने उसे बिस्तर पर नहीं पाया तो उसने उसकी तलाश शुरू कर दी। अन्य मरीज भी जाग गए। इसका आभास होने पर इस कर्मी ने किशोरी को अर्द्धमूर्छित अवस्था में ऑफिस से बाहर निकाल दिया और फिर ऑफिस का ताला लगा दिया।
किशोरी अर्द्धबेहोशी की हालत में ही ऊपर वार्ड में पहुंच गई और वहां जाकर लेट गई। थोड़ी देर बात होश आने पर जब किशोरी को घटना का आभास हुआ तो उसने अपनी मां को यह बात बताई। उसके अन्य परिजन भी आ गए। यह लोग पूरे मामले की शिकायत करने के लिए कोतवाली हाथरस गेट पहुंचे। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।
तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है- संजीव शर्मा, हाथरस गेट कोतवाली निरीक्षक
घटना की जानकारी मिलने के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिवनंदन को निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी है। इस तरह की घटनाएं न केवल निंदनीय हैं, बल्कि असहनीय हैं। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है- डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ हाथरस