अलीगढ़ की जिला जेल में निरुद्ध महिला बंदी के नवजात बेटे को पालने के लिए आगरा के राजकीय शिशु गृह में भेजा गया, लेकिन शिशु गृह ने उसे अपने यहां शरण देने से मना कर दिया। शिशु गृह के अधिकारियों का कहना है कि बालक अनाथ नहीं है, उसकी मां जिंदा है। इस कारण बालक को यहां नहीं रखा जा सकता।
जेल में निरुद्ध सात दिन के नवजात की मां पर अपहरण का आरोप है। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसे बनारस के मानसिक आरोग्यशाला में भेजने की तैयारी हो रही थी, लेकिन बच्चे के वापस लौट आने के चलते इस प्रक्रिया को भी रोक दिया गया है।
इससे पहले जेल प्रशासन ने आगरा और बनारस स्थित दोनों संस्थानों के प्रमुखों को शुक्रवार को पत्र लिखा था। कृष्ण जन्माष्टमी पर हुए इस घटनाक्रम को लेकर जेल प्रशासन के साथ साथ अन्य बंदियों में भी चर्चा है।