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गौ मांस मुद्दे पर निकाला जाए बीच का रास्ताः योगेंद्र

Sun, 06 Dec 2015 01:40 AM IST
अलीगढ़
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अलीगढ़ (ब्यूरो)। राजनीतिक विश्लेषक एवं चिंतक योगेंद्र यादव ने कहा कि गौ मांस मामले में आपस में बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। इसको लेकर वे समाज सेवी अन्ना हजारे से मिलेंगे। योगेंद्र शनिवार को एएमयू के कैनेडी हाल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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एक कार्यक्रम के सिलसिले में अलीगढ़ पहुंचे योगेंद्र यादव ने कहा कि वे गौ मांस भोज आयोजित करने के पक्ष में नहीं है। हिंदुओं की भावनाओं की इज्जत करना चाहिए। इस्लाम में ऐसा कोई प्रावधान भी नहीं है कि गौ मांस खाना जरूरी हो। लोग इसे इसलिए खाते हैं कि यह सस्ता है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि गौ हत्या इंसानों की हत्या का बहाना बन जाए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बोलते समय वे खौफजदा रहते हैं। 2017 विधान सभा चुनाव की तैयारी चल रही है। लोकसभा चुनाव के पहले की स्थिति आप देख चुके हैं। अगले एक साल तक प्रदेश में अमन-चैन बना रहे, इसकी जिम्मेदारी हम सभी पर है।
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उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव परिणाम से घुटन का माहौल कुछ कम हुआ है लेकिन इसे धर्म निरपेक्षता की जीत नहीं माना जा सकता। मैं कभी लालू-नीतीश गठबंधन के पक्ष में नहीं रहा। यूपी में भी ऐसे गठबंधन की चर्चा शुरू हो गई है। बीजेपी के खिलाफ फ्रंट बनने से बीजेपी ही मजबूत होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि स्थापना के समय ‘आप’ आम आदमी पार्टी थी, अब ‘आम’ पार्टी हो गई है।

उन्होंने बुंदेलखंड एवं सूखे की समस्या को देश का मुद्दा नहीं बनाए जाने पर हैरानी जताई और कहा कि यदि यहीं समस्या अमेरिका में होती तो यह वहां का मुख्य मुद्दा बनता। बुंदेलखंड के एक सर्वे का उल्लेख करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि वहां के लोग भुखमरी के कगार पर है। जब वहां के लोगों से पूछा गया कि पिछले एक महीने में कितनी बार बच्चों को दूध पिलाया तो 60 प्रतिशत लोगों का कहना था कि एक माह में एक बूंद दूध बच्चों को नहीं दिया। जबकि 40 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उनके घरवालों में एक महीने से दाल नहीं खाई है। 
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