महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी कर चर्चाओं में आने वाले फायर ब्रांड संत महाराज कालीचरण ने कहा कि सनातन धर्म अमर है। इसका कोई अंत नही हैं। भारत में केवल सनातन धर्म है इसके अलावा कोई धर्म नहीं है। बाकी अन्य धर्मों से जुड़े लोग खुद को अपने मजहब, रिलीजन से जुड़ा बताते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति से घृणा छोड़ दीजिए। इस्लाम और क्रिश्चियन धर्म ही नहीं है। ये देश को इस्लामीकरण की ओर ले जाने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश में पांच लाख मंदिर तोड़े गए हैं। 800 साल में 80 हजार महिलाओं से सामूहिक दुष्कर्म हुआ। अगर अब भी न संभले तो ऐसा फिर से होगा। इसके लिए देश का हिंदू राष्ट्र बनना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र भारत से पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, तिब्बत जैसे देश अलग हो गए हैं। भारत माता का दायरा घट रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में रहकर गद्दारी का काम कर रहे हैं। क्रिकेट मैच में भारत की हार पर पाकिस्तान समर्थक आतिशबाजी चलाते हैं। बॉलीवुड के लोग देश में खुद को असुरक्षित बताते हैं। क्योंकि भारत अघोषित हिंदू राष्ट्र है।
उन्होंने कहा कि हमें द कश्मीर फाइल्स फिल्म देखकर सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हिंदू कोई बयान देते हैं तो उसे नफरत फैलाने वाला बयान देकर उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है। यदि कोई दूसरे संप्रदाय से जुड़ा व्यक्ति कितना भी गैर जिम्मेदारना बयान दे तो कोई कार्रवाई नहीं होती है। उन्होंने कहा कि हमें धर्म, जाति व प्रांतवाद से अलग हटकर एकजुट होकर हिंदू राष्ट्र के लिए योगी, मोदी का साथ देना होगा। उन्होंने मांग रखी कि देश में गोवंश कानून पारित होना चाहिए। इसमें दोषी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। सीए, एनआरसी कानून पारित होना चाहिए।
राष्ट्रीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुन्ना लाल शर्मा ने देश में मुस्लिम शासकों व अंग्रेजों ने शासन किया है। उन्होंने सत्ता व ताकत के बलबूते लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का काम किया गया है। उन्होंने एक समान कानून लागू करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि साधु-संतों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
सम्मेलन में महामंडलेश्वर डॉ. अन्नूपूर्णां भारती (डॉ. पूजा शकुन पांडेय) ने कहा कि आज उनका वर्षों का सपना साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म को बचाने के लिए उनका अभियान अंतिम सांस तक जारी रहेगा। सम्मेलन में अध्यक्षता कर रहे अमृतानंद के अलावा ज्ञानानंद, सत्यदेवा नंद, आशुतोषानंद आदि ने भी अपने ओजस्वी विचारों से जोश भरने का काम किया। सम्मेलन में पधारे सभी संतो व अतिथियों को शास्त्र व शस्त्र (गीता व तलवार) भेंट की गई। सम्मेलन में शहर विधायक मुक्ता राजा, पूर्व विधायक संजीव राजा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संचालन हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अशोक पांडेय ने किया।