आयुर्वेदिक अस्पताल में कार्य करते मजदूर
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ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत नगला पदम में पंचायत घर में चल रहा है आयुर्वेदिक अस्पताल शीर्षक से अमर उजाला में 11 अप्रैल के अंक में प्रकाशित खबर का असर यह हुआ है कि दो वर्ष से निर्माणाधीन आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कार्य पांच दिन पूर्व फिर से शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने अमर उजाला के इस कार्य की सराहना की है।
यहां बता दें कि आयुर्वेदिक अस्पताल 20 वर्ष से पंचायत घर के एक कमरे में संचालित हो रहा है। करीब दो वर्ष पहले अस्पताल का भवन बनाने की कवायद भी हुई, लेकिन पूरा बजट नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य अधूरा ही रह गया था। भवन पर लिंटर पड़ गया और प्लास्टर आदि का कार्य भी पूरा हो गया था, लेकिन अन्य कार्यों के लिए बजट न आने के कारण पिछले दो वर्ष से निर्माण कार्य बंद पड़ा था। इस दौरान निर्माणाधीन भवन के चारों तरफ गंदगी, कीचड़ आदि फैली हुई थी। कुछ लोग बारिश के दौरान निर्माणाधीन भवन में पशु भी बांध देते थे। जब अमर उजाला ने इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो अस्पताल के अधूरे बने भवन पर दोबारा से काम होना शुरू हो गया है।
-अमर उजाला अखबार की खबर का ही असर है कि पिछले दो वर्ष से बंद पड़े आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण का कार्य पुन: शुरू हो गया है। इसके लिए पूरा गांव अमर उजाला अखबार का आभार प्रगट कर रहा है। - विनय सिंह चौहान, प्रबंधक ग्राम विकास समिति नगला पदम
-हमने कई बार ऐसा देखा है कि जब भी कोई मुद्दा अमर उजाला उठाता है, तो उसको अंजाम तक भी पहुंचाता है। - डॉ. अमित चौहान, अध्यक्ष ग्राम विकास समिति नगला पदम