एएमयू सर्किल पर विरोध प्रदर्शन को लेकर मार्च निकालती महिलाओं को रोकती पुलिस।
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), एनआरसी, एनपीआर के विरोध में जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार शाम महिलाएं फिर मुखर हो गईं। महिलाओं ने दोदपुर व जमालपुर में प्रदर्शन करते हुए मार्च निकाला, मगर पुलिस ने दोनों स्थानों पर महिलाओं को रोक दिया। जमालपुर में तो फोर्स के समझाने पर महिलाएं कुछ देर में लौट गईं। मगर, दोदपुर में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं को पुलिस ने रोका तो वहां अभद्रता का आरोप लगाते हुए महिलाएं पुलिस पर बिफर गईं। इस दौरान तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस के सख्ती दिखाने और बिना अनुमति मार्च न निकालने देने की हिदायत पर महिलाएं वापस लौटीं। दोदपुर में बिना अनुमति हुए इस प्रदर्शन पर अज्ञात महिलाओं पर निषेधाज्ञा उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, शहर में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक ढंग से पढ़ी गई। शहर में सभी जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
पिछले चार शुक्रवार को कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। फिर भी पुलिस प्रशासनिक स्तर से एहतियात बरती जा रही है। इस शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद सबसे पहले जमालपुर में महिलाओं को आगे कर लोगों ने सीएए, एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस खबर पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर वापस कर दिया। पुलिस ने तर्क दिया कि बिना अनुमति कोई मार्च नहीं निकलेगा अगर आपको ज्ञापन देना है तो वह देकर चली जाएं।
इस पर महिलाएं घरों को लौट गईं। शाम करीब 4 बजे एएमयू की तरफ से करीब 70-80 महिलाएं नारेबाजी करते दोदपुर की तरफ जुलूस लेकर निकल आईं। तभी इन महिलाओं को जाकिर हुसैन स्कूल के पास पुलिस ने रोक लिया। फोर्स भी पहुंच गया। इससे गहमागहमी का माहौल हो गया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस ने जैसे तैसे समझाकर शांत किया। महिलाएं जा रही थीं, तभी सामने से उन्हें कुछ युवकों ने फिर बरगलाकर आगे कर दिया। महिलाएं फिर वहीं बैठ गईं। इस बीच वहां एसीएम, सीओ व महिला पुलिस भी आ गई।
आरोप है कि यहां पुलिस अधिकारियों ने उनसे कह दिया कि आप लोग 500-500 रुपये लेकर विरोध में शामिल होने आ गई हो। इसे महिलाओं ने घिनौना आरोप बताते हुए नोकझोंक कर दी। यहां अभद्रता का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिलाओं ने तर्क दिया कि वह अपने हक के लिए व सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में प्रोटेस्ट मार्च निकाल रही हैं।
पीएम मोदी के समर्थक 200-200 रुपये लेकर प्रोटेस्ट करते हैं। बाद में अधिकारियों ने उन्हें यह कहकर शांत किया कि वह थाने ले जाकर चाय पिलाएंगे। तब जाकर महिलाएं शांत हुईं और जब उन्हें समझाया गया कि वह लोग अनुमति लेकर प्रदर्शन करें। तब वह वहां से चली गईं। इससे पहले महानगर के ऊपरकोट जामा मस्जिद, जमालपुर व एएमयू के जामा मस्जिद में नमाज पढ़ी गई। इस दौरान सभी जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सीओ तृतीय अनिल समानिया के अनुसार दोदपुर में 60-70 अज्ञात महिलाओं द्वारा निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद बिना अनुमति प्रदर्शन पर धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।