अलीगढ़ में थाना बन्नादेवी क्षेत्र के निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई। इससे गुस्साए महिला के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा। अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। हालांकि, बच्चे को बचा लिया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया है।
एटा के निधौलीकलां क्षेत्र के गांव रूपसपुर निवासी सपना यादव (24) पत्नी बिजेंद्र सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर 31 अगस्त को सारसौल स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर में सपना ने ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार शाम को सपना को ऑपरेशन थियेटर से बाहर लाया गया। इस बीच अधिक ब्लीडिंग होने पर उसे फिर से ऑपरेशन थियेटर में ले गए। आरोप कि सपना का दो बार ऑपरेशन किया गया। इसके बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया।
1 सितंबर तड़के सपना की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल स्टाफ ने उन्हें सपना से मिलने नहीं दिया। डॉक्टरों व स्टाफ की लापरवाही के चलते सपना की मौत हो गई। सीओ बन्नादेवी कमलेश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में लिखित में समझौता हो गया है। परिजन सपना के शव को पोस्टमार्टम कराए बिना ही घर ले गए। बच्चे को अभी अस्पताल में ही उपचार के लिए रखा गया है।