महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र के हमदर्द नगर इलाके में विवाहिता को जिंदा जलाकर मारने की घटना में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-11 की विद्वान न्यायाधीश शिवानी सिंह के न्यायालय से मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर सुनाया गया है। खास बात यह है कि इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने मिशन शक्ति अभियान के तहत पैरवी की गई।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार 23 जनवरी 2018 को सद्दाम हुसैन निवासी खंदारी गढ़ी हाथरस ने सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के अनुसार उनकी बेटी आसमां का निकाह 20 मार्च 2010 को हमदर्द नगर निवासी नौशे खां उर्फ नौशाद पुत्र गुलेशर संग हुआ। शादी के बाद एक लाख नकद व एक प्लाट को लेकर उसे परेशान किया जाने लगा। एक मर्तबा उसे हाथरस में ससुराली छोड़ गए। बाद में सुलह समझौते पर फिर रखा गया। इस बीच एक बेटा आदिल को भी आसमां ने जन्म दिया। 22 जनवरी 2018 की दोपहर उन्हें खबर मिली कि ससुरालियों ने उसे मिट्टी का तेल डालकर घर में ही जला दिया है। घर से धुआं उठ रहा है और ससुराली गायब हैं। इस सूचना पर हाथरस से यह लोग पहुंच गए और पुलिस भी आ गई। महिला को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। इससे पहले मृत्यु पूर्व बयान में महिला ने पति आदि ससुरालियों द्वारा जलाने का आरोप लगाया। इस घटना के बाद से आसमां का बेटा ननिहाल में है। इधर, महिला के आरोप के आधार पर मुकदमे के सत्र परीक्षण के दौरान न्यायालय ने पति के अलावा सास बानो व जेठ मोहम्मद को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
किशोरी से छेड़खानी में चार साल की सजा
अलीगढ़। एडीजे पॉक्सो न्यायालय द्वितीय की न्यायाधीश अर्चना गुप्ता के न्यायालय से किशोरी से छेड़खानी के मुकदमे में सजा सुनाई गई है। एडीजीसी रघुवंश शर्मा के अनुसार टप्पल के गांव फतेहपुर निवासी जय सिंह पर 7 नवंबर 2016 को गांव की किशोरी से छेड़खानी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी को चार साल सजा व 14 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की आधी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं।
दुष्कर्म व अपहरण में जमानत खारिज
एडीजे पॉक्सो न्यायालय से टप्पल में हुई दुष्कर्म की घटना के आरोपी नीरज व महिला अपहरण के आरोपी सुरेंद्र की जमानत अर्जी खारिज की गई है। यह जानकारी विशेष अभियोजक महेश सिंह ने दी है।