पुलिस की क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर राकेश यादव पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। सासनी गेट थाने की महिला एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारी) को दहेज उत्पीड़न से जुड़े मुकदमे की विवेचना के नाम पर रामघाट रोड के होटल में बुलाकर यह कृत्य किया। इसके बाद वह महिला को ब्लैकमेल करने लगा। मगर, मुकदमे में मदद नहीं मिली तो वह शिकायत करने एसएसपी के सामने पहुंच गई। शिकायत के साथ बतौर साक्ष्य बातचीत के ऑडियो भी पेश किए। इस पर एसएसपी ने इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित करते हुए मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सासनी गेट की अनुसूचित जाति की महिला एसपीओ के अनुसार, उसके परिवार की युवती का दहेज उत्पीड़न का मुकदमा वर्ष 2018 से सासनी गेट में दर्ज है। इसकी विवेचना क्राइम ब्रांच में तैनात निरीक्षक राकेश यादव द्वारा की जा रही है। वाकया 29 अक्तूबर की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे का है। निरीक्षक ने उसे रामघाट रोड के एक होटल के कमरा नंबर 102 में कागज दिखाने के बहाने बुलाया।
इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो मुकदमे में कोई कार्रवाई नहीं होगी। मजबूरी में उसने चुप्पी साध ली और इंस्पेक्टर इसका फायदा उठाते हुए उससे फोन पर अश्लील बातें करने लगा। आए दिन उसी होटल में बुलाकर अश्लील हरकत करता। मगर मुकदमे में कोई मदद नहीं की तो महिला ने दो दिन पहले एसएसपी से शिकायत की और बताया कि एक दिसंबर को थाना सासनी गेट थाने के सामने बुलाकर उसे धमकाया भी गया है। साथ में अश्लील बातचीत के ऑडियो दिए। इसके आधार पर क्वार्सी थाने में दुष्कर्म, छेड़खानी, एससीएसटी एक्ट आदि धाराओं में क्राइम ब्रांच निरीक्षक राकेश यादव मूल निवासी बेहंता मैनपुरी हाल निवासी आगरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ में इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।
सासनी गेट के एक दहेज उत्पीड़न के मुकदमे की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच निरीक्षक राकेश यादव पर दुष्कर्म व फोन पर आपत्तिजनक बातचीत का आरोप लगा है। निलंबन के साथ मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी जांच जारी है। महिला के बयान व जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। इंस्पेक्टर शिकायत की जानकारी होने के बाद से ही फरार है। उसकी तलाश कराई जा रही है।-मुनिराज जी एसएसपी
तत्कालीन महिला इंस्पेक्टर पर भी लगाया था आरोप
इस महिला एसपीओ का मुकदमा जिस वक्त सासनी गेट थाने में दर्ज हुआ था। उस वक्त यहां एक महिला इंस्पेक्टर तैनात थीं। उनके यहां से दूसरे थाने चले जाने के बाद इस महिला एसपीओ ने उन पर भी आरोप लगाया था, जिसकी शिकायत अधिकारियों से की थी। महिला इंस्पेक्टर पर आरोप था कि मुकदमे में मदद के नाम पर उन्होंने घर में काम कराया है और फिर दुर्व्यवहार भी किया है।