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सत्यवान की सावित्री: पतियों के लिए वरदान बन गईं 60 महिलाएं, जिन्होंने अपना अंग देकर बचा ली पति की जान

Mon, 24 Mar 2025 02:35 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ में 60 ऐसी महिलाएं हैं जो सत्यवान के लिए सावित्री साबित हो रही हैं। इन महिलाओं ने अपने पति की जान बचाने के लिए अंगदान कर एक मिसाल पेश की है। कुछ ने  पति के लिए अपनी किडनी दी तो किसी ने लिवर।
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पति-पत्नी - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली मुस्कान को आज हर कोई कोस रहा है। फांसी की मांग की जा रही है। पूरे देश में दिलदहला देनी वाली यह घटना छाई हुई है। वहीं अलीगढ़ में एक बड़ी संख्या ऐसी महिलाओं की है जो अपने पति की जान बचाने के लिए किड़नी और लिवर देने को तैयार हैं। 40 महिलाएं तो ऐसी हैं जिन्होंने पिछले पांच साल में पतियों को अपने अंग दान करके उनकी जान बचा ली। जबकि बीस ऐसी महिलाएं हैं जो ट्रांसप्लांट की अनुमति की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। यह महिलाएं सत्यवान के लिए सावित्री साबित हो रही हैं।

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नोडल अधिकारी ट्रांसप्लांट डॅा जगवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 से 2024 तक किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट के लिए आवेदन आए थे। औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद परिजनों को किडनी-लिवर दान करने के लिए अनुमति दे दी गई। परिजनों के किडनी-लिवर मरीजों को ट्रांसप्लांट कर दी गई।

केस-1

पत्नी ने किडनी देकर बचाई पति की जान
इगलास क्षेत्र के गांव के रमेश का स्वास्थ्य अचानक खराब रहने लगा। चिकित्सकों ने जांच -पड़ताल की तो पता चला कि किडनी में संक्रमण पैदा हो गया है। हालत गंभीर देख परिजन परेशान हो गए। दोनों किडनी खराब हो गईं। भाई-बहन ने किडनी देने से मना कर दिया। फिर पत्नी सावित्री के रूप में आकर खड़ी हो गई किडनी देकर अपने सुहाग को बचा लिया।

केस-2
घर का कोई सदस्य नहीं था तैयार, पत्नी ने दी किडनी

गभाना के संतोष कुमार की किडनी में संक्रमण फैलने की जानकारी हुई तो वह परेशान हो गए। चिकित्सकों ने किडनी बदलवाने के लिए सुझाव दिया लेकिन समस्या थी कि किडनी काैन दे। पत्नी ने किडनी देने का फैसला लिया। डॉक्टरों से जानकारी लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसप्लांट के लिए अनुमति मांगी। किडनी ट्रांसप्लांट कर दिया गया। पति अब स्वस्थ हैं।
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केस-3

पति को बचाने के लिए दो साल किया संघर्ष
शहर के रघुवीरपुरी के रामनरेश के किडनी में संक्रमण हो गया था। वह इससे अनजान थे। सामान्य दिनों की तरह से वह सुबह घर से निकल रहे थे, तभी उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। किडनी की बीमारी की जांच के लिए यूरिन ब्लड टेस्ट, सोनोग्राफी की गई तो पता चला कि उनकी किडनी काफी खराब हो गई है। डायलिसिस भी हुई, लेकिन आराम नहीं मिला। पत्नी एक किडनी पति को देने के लिए तैयार हो गई। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनुमति दे दी।

केस-4
पत्नी का लिवर पति को ट्रांसप्लांट

विजयगढ़ के मुकेश (42) का ज्यादा शराब पीने से लिवर खराब होने लगा, लेकिन उन्हें इसका अहसास नहीं था। फिर भी वह शराब पीते रहे। अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उनका अल्ट्रासाउंड हुआ, तब पता चला कि लिवर में काफी संक्रमण बढ़ चुका था। लिवर का इलाज दवाओं से संभव नहीं, बल्कि ट्रांसप्लांट एकमात्र रास्ता है। यह बात डॉक्टर ने परिजनों को बताई। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसप्लांट की अनुमति के लिए आवेदन किया। पत्नी ने पति को लिवर दान किया।
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